Dularchand Yadav : अनंत सिंह के गिरफ्तार होने के बाद दुलारचंद यादव के शव का पोस्टमार्टम करने वाले कर्मचारी का बड़ा खुलासा, कहा – आज तक ऐसा शव नहीं देखा; पढ़िए हत्या का खौफनाक सच

अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद दुलारचंद यादव हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम करने वाले कर्मचारी ने कहा है कि अपने करियर में ऐसा क्षत-विक्षत शव उन्होंने पहले कभी नहीं देखा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 02 Nov 2025 02:20:55 PM IST

Dularchand Yadav : अनंत सिंह के गिरफ्तार होने के बाद दुलारचंद यादव के शव का पोस्टमार्टम करने वाले कर्मचारी का बड़ा खुलासा, कहा – आज तक ऐसा शव नहीं देखा; पढ़िए हत्या का खौफनाक सच

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Dularchand Yadav : छोटे सरकार के नाम से मशहूर मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह अब कानूनी पचड़े में फंस चुके हैं। बिहार की मोकामा विधानसभा सीट से JDU के प्रत्याशी अनंत सिंह को दुलारचंद यादव की हत्या से जुड़े केस में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस केस में जो FIR दर्ज कराई गई है उसमें यह दावा किया गया है कि अनंत सिंह ने ही दुलारचंद यादव को गोली मारी थी। एफआईआर में यह भी कहा गया है कि वहां मौजूद उनके समर्थकों ने इसके बाद दुलारचंद यादव पर थार चढ़ा दी थी। इसके बाद अब उनके अरेस्ट होने के बाद दुलारचंद यादव के पोस्ट मार्टम करने वाले एक कर्मचारी ने बड़ा खुलासा किया है। 


मोकामा के जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या ने बिहार की सियासत और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया है। पोस्टमॉर्टम में सामने आए विवरणों ने दिखाया है कि इस वारदात की क्रूरता किसी इंसानी हद से परे थी। पोस्टमॉर्टम कर्मचारी महिपाल ने बताया कि "मैंने बहुत शव देखे हैं, लेकिन ऐसा शरीर पहली बार देखा। पसलियां मांस में घुस गई थीं, फेफड़ा छलनी था, दिल सपाट पड़ा था।"


पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, दुलारचंद की छाती पर ऐसी ताकत से वार किया गया कि सभी 12 दाएं और 8 बाईं पसलियां टूटकर अंदर धंस गईं। हड्डियों के टुकड़े शरीर के भीतर चाकू की तरह फेफड़ों में जा धंसे, जिससे दोनों फेफड़े पंचर हो गए। फेफड़ों के फटने के बाद खून सीधे छाती में भर गया, जिससे दिल दबकर चपटा हो गया। रिपोर्ट बताती है कि इस हालत में हार्ट में एक बूंद खून भी नहीं बचा था।


शरीर के निचले हिस्से की हड्डियां—जांघ, कमर और कूल्हा—पूरी तरह टूट चुकी थीं। बाएं कंधे की हड्डी उखड़ जाने से हाथ लटक गया था, जबकि कमर से नीचे का हिस्सा पूरी तरह “फ्री” हो चुका था। पोस्टमॉर्टम टीम के मुताबिक, पसलियों की टूट-फूट इतनी ज्यादा थी कि उन्हें गिनना तक मुश्किल था।


रिपोर्ट में यह तथ्य भी दर्ज है कि दुलारचंद की एड़ी में एक गोली भी थी। यह गोली सीधी आर-पार गई, क्रॉस नहीं हुई, जिससे यह आशंका पुख्ता होती है कि गोली या तो गिरने के बाद या फिर मौत के बाद चलाई गई—शायद वारदात को और खौफनाक बनाने के लिए।


मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक मौत का कारण “हाइपोवोल्मिक शॉक और कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेलियर” था—अर्थात खून के बह जाने और दिल व फेफड़ों के फेल होने से मौत। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में 37 लाइनों में अंग्रेज़ी के मेडिकल टर्म्स में हत्या की कहानी दर्ज है—“क्रश इंज्युरी टू चेस्ट, मल्टीपल रिब फ्रैक्चर, लंग्स पंचर, कार्डियक फ्लैटनिंग…”। मगर इन ठंडे शब्दों के पीछे जो बर्बरता छिपी है, वह शब्दों से परे है। महिपाल का बयान और रिपोर्ट के तथ्य आज भी गवाही दे रहे हैं कि दुलारचंद की हत्या सिर्फ एक वारदात नहीं, बल्कि इंसानियत को झकझोर देने वाली क्रूरता का दस्तावेज़ है।