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बिहार: सोशल मीडिया के जरिए लड़कियों की तस्करी! पहले FB पर दोस्ती फिर सेक्स और बाद में ब्लैकमेलिंग का खेल, MBA की छात्रा को बेच दिया

PATNA: आधुनिकता के इस दौर में समय के साथ अपराध के तरीके भी बदलते जा रहे हैं। अपराधी अब इंटरनेट मीडिया के जरिए संगीन वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने मान

बिहार: सोशल मीडिया के जरिए लड़कियों की तस्करी! पहले FB पर दोस्ती फिर सेक्स और बाद में ब्लैकमेलिंग का खेल, MBA की छात्रा को बेच दिया
Mukesh Srivastava
4 मिनट

PATNA: आधुनिकता के इस दौर में समय के साथ अपराध के तरीके भी बदलते जा रहे हैं। अपराधी अब इंटरनेट मीडिया के जरिए संगीन वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने मानव तस्करी करने वाले गैंग की एक सदस्य अर्चना को गिरफ्तार किया। उसने पुलिस को जो कुछ बताया वह सभी को हैरत में डालने के लिए काफी था। मानव तस्कर गिरोह के लोग पहले फेसबुक के जरिए लड़कियों और महिलाओं से दोस्ती करते हैं। दोस्ती के बाद बातों का सिलसिला आगे बढ़ता है और फिर वीडियो कॉल से बातचीत होती है। मुलाकातें शुरू होती हैं और गिरोह के सदस्य होटल में ग्रुप सेक्स का वीडियो बनाते हैं और फिर ब्लैकमेल करके उन्हें बेच दिया जाता है। 


दरअसल, मुजफ्फरपुर की MBA की एक छात्रा भी मानव तस्करी के एक इसी तरह के गिरोह का शिकार हुई है। साल 2022 के 12 दिसंबर को छात्रा MBA फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी लेकिन वापस घर नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कहीं पता नहीं चला तो परीजन सदर थाना पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। जब छात्रा का कहीं पता नहीं चला तो पुलिस ने 16 दिसंबर को सदर थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया। केस दर्ज होने के 9 महीने बाद भी पुलिस छात्रा का कोई सुराग नहीं लगा पाई है।


इस मामले में पुलिस की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने के बाद मुजफ्फरपुर के सामाजिक संगठन के लोग सामने आए और लापता लड़की की बरामदगी को लेकर लड़ाई छेड़ दी। सामाजिक संगठन द्वारा पुलिस पर दबाव बनाने के बाद वह हरकत में आई और इसी साल 6 मई को पहले अर्चना पांडेय और फिर ज्योति गुप्ता को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान अर्चना ने पुलिस से सामने लड़कियों की तस्करी के नेटवर्क का जो खुलासा किया वह सभी को हैरान करने के लिए काफी था। सदर थाना क्षेत्र के मादापुर की रहने वाली अर्चना ने एमबीए छात्रा को लेकर कई बड़े खुलासे किए। अर्चना ने सोनू नाम के शख्स को गिरोह का मास्टरमाइंड बताया। सोनू के साथ साथ इस धंधे में 5-6 लोगों के शामिल होने का भी खुलासा किया है। 


अर्चना के मुताबिक, साल 2021 में फेसबुक के जरिए वह वैशाली के रहने वाले सोनू के संपर्क आई थी। मैसेज और वीडियो चैटिंग के बाद बाद होटल में मुलाकात तक पहुंच गई। होटल में मिलने के दौरान दोनों के बीच कई बार शारीरिक संबंध भी बनें। इसी दौरान सोनू ने ही अर्चना की मुलाकात ज्योति नाम की लड़की से कराई थी। इसी बीच सोनू ने 12 दिसंबर 2022 को अर्चना को बैरिया बुलाया। जहां से सोनू अर्चना और एमबीए की छात्रा को साथ लेकर फोर व्हीलर गाड़ी से मुजफ्फरपुर के चर्तुभुज स्थान ले गया। एमबीए की छात्रा नशे की हालत में थी, सोनू एमबीए की छात्रा को पीले रंग के मकान के पास ले गया और उसको वहां बेच दिया। इसके साथ ही गिरफ्तार अर्चना ने अपने बयान में कई खुलासे किए हैं।


अर्चना के बयान के बाद पुलिस को आशंका है कि यह गैंग सोशल मीडिया पर एक्टिव लड़कियों और महिलाओं की प्रोफाइल को सर्च करते थे। इसके बाद एक ही लड़की से कई फेक आईडी से दोस्ती की जाती है। फिर लड़कियों को झांसे में लेकर उनके गंदे वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है। इस गिरोह में साइबर एक्सपर्ट की पूरी टीम काम कर रही है। कई बड़े खुलासे होने के बाद भी पुलिस एमबीए छात्रा को बरामद नहीं कर सकी है। पीड़ित परिवार ने कई बार एसएसपी से मुलाकात की लेकिन छात्रा का कोई सुराग नहीं मिल सका है। करीब 9 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस एमबीए की छात्रा का पता नहीं लगा सकी है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता