Vande Bharat Sleeper: वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-2 ट्रेनों में टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियम बदले, जानिए.. नए बदलाव

Vande Bharat Sleeper: रेल मंत्रालय ने वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-2 ट्रेनों में टिकट कैंसिलेशन और रिफंड नियम सख्त कर दिए हैं. यात्रा से आठ घंटे पहले रद्द होने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Wed, 21 Jan 2026 08:59:06 AM IST

Vande Bharat Sleeper Train

प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google

Vande Bharat Sleeper: रेल मंत्रालय ने वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत-2 ट्रेनों के टिकट कैंसिलेशन और रिफंड नियमों को सख्त कर दिया है। 16 जनवरी को जारी नई अधिसूचना के अनुसार, अगर यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से आठ घंटे से कम समय पहले अपना कंफर्म टिकट रद्द कराता है, तो उसे कोई रिफंड नहीं मिलेगा। यह पहले सामान्य ट्रेनों में चार घंटे की सीमा थी। मंत्रालय ने रेल यात्री नियम, 2015 में संशोधन कर इन नई प्रीमियम ट्रेनों के लिए अलग और कड़े प्रावधान लागू किए हैं।


वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-2 ट्रेनों की खासियत यह है कि हर यात्री को कंफर्म बर्थ की गारंटी दी जाती है। यानी पूरे परिवार को बर्थ मिलेगी या किसी को भी नहीं। अंतिम समय में टिकट कैंसिल होने पर बर्थ दोबारा भर पाना मुश्किल हो जाता है और सीटें खाली रहती हैं। इसी नुकसान को रोकने के लिए रेलवे ने कैंसिलेशन नियम सख्त किए हैं।


नई व्यवस्था के तहत, इन ट्रेनों में अगर कोई यात्री यात्रा से 72 घंटे पहले भी टिकट रद्द करता है, तो उसे न्यूनतम 25 प्रतिशत किराया बतौर कैंसिलेशन चार्ज देना होगा। सामान्य ट्रेनों में अभी तक यह कटौती किराए के मुकाबले काफी कम होती थी। रेलवे का मानना है कि प्रीमियम ट्रेनों के लिए यह व्यवस्था ज्यादा व्यावहारिक और घाटे से बचाने वाली है।


सबसे बड़ा बदलाव यह है कि वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-2 में अब रिफंड की खिड़की यात्रा से आठ घंटे पहले ही बंद हो जाएगी। यानी अगर कोई यात्री आठ घंटे से कम समय में टिकट कैंसिल करता है, तो उसे पूरा किराया गंवाना पड़ेगा। सामान्य ट्रेनों में यह सीमा चार घंटे की थी।


ये नियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में शुरू की गई एक जोड़ी वंदे भारत स्लीपर और नौ जोड़ी अमृत भारत-2 ट्रेनों पर तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। रेलवे का उद्देश्य इन ट्रेनों के संचालन और बर्थ मैनेजमेंट को ज्यादा अनुशासित और घाटे से मुक्त बनाना है। 


नए नियमों के बाद यात्रियों को टिकट बुक करते समय अपनी यात्रा योजना को लेकर सतर्क रहना होगा। अचानक योजना बदलने या अंतिम समय पर टिकट रद्द करने की आदत अब महंगी साबित हो सकती है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ये ट्रेनें प्रीमियम सेवा की श्रेणी में आती हैं और इनके नियम भी उसी स्तर के होंगे।