Bank Account New Rules: साइबर धोखाधड़ी और संदिग्ध बैंक लेनदेन पर रोक लगाने के लिए बैंकिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. नई व्यवस्था के तहत बैंक ग्राहकों की वित्तीय प्रोफाइल के आधार पर उनके खातों में होने वाले लेनदेन पर नजर रखेंगे. अगर किसी खाते में ग्राहक की सामान्य गतिविधियों की तुलना में अचानक बहुत ज्यादा या असामान्य लेनदेन पाया जाता है, तो बैंक संबंधित राशि या खाते से होने वाले लेनदेन पर अस्थायी रोक लगा सकता है.
रिजर्व बैंक ने संदिग्ध और फर्जी बैंक खातों की पहचान के लिए नई व्यवस्था का मसौदा जारी किया है. यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तैयार की गई है. प्रस्ताव के मुताबिक, बैंक को किसी खाते में संदिग्ध गतिविधि मिलने पर खाते से होने वाले लेनदेन को कुछ समय के लिए रोकने का अधिकार होगा.
हालांकि, खाते पर रोक लगाने के बाद ग्राहक को अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया जाएगा. बैंक को ग्राहक को यह जानकारी देनी होगी कि खाते या राशि पर रोक क्यों लगाई गई है और इसे हटवाने के लिए क्या प्रक्रिया अपनानी होगी.
अप्रैल 2027 से लागू करने का प्रस्ताव
नई व्यवस्था को अप्रैल 2027 से लागू करने का प्रस्ताव है. इसके तहत एक हजार रुपये या उससे अधिक के कुछ लेनदेन भी जांच के दायरे में आ सकते हैं. बैंक किसी लेनदेन को केवल उसकी रकम के आधार पर ही संदिग्ध नहीं मानेंगे, बल्कि ग्राहक की वित्तीय प्रोफाइल और खाते में होने वाली सामान्य गतिविधियों को भी ध्यान में रखा जाएगा.
इसका मतलब है कि अगर किसी खाते में सामान्य तौर पर कम रकम का लेनदेन होता है और अचानक उसमें बड़ी रकम का असामान्य लेनदेन दिखाई देता है, तो बैंक उसकी जांच कर सकता है. संदिग्ध गतिविधि मिलने पर संबंधित राशि या खाते के लेनदेन पर अस्थायी रोक लगाई जा सकती है.
संदिग्ध लेनदेन पर अस्थायी रोक
नई व्यवस्था के तहत बैंक को किसी खाते के गलत इस्तेमाल या संदिग्ध लेनदेन की आशंका होने पर कार्रवाई करने का अधिकार होगा. जरूरत पड़ने पर संबंधित राशि को भी अस्थायी रूप से रोककर रखा जा सकता है. इसका उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी से जुड़े पैसों को आगे ट्रांसफर होने से रोकना है.
खाता फ्रीज होने पर बैंक को बतानी होगी वजह
अगर किसी ग्राहक के खाते पर रोक लगाई जाती है, तो बैंक को इसकी वजह बतानी होगी. इसके साथ ही बैंक को यह भी जानकारी देनी होगी कि ग्राहक रोक हटवाने के लिए किस प्रक्रिया का पालन कर सकता है और संबंधित अधिकारी से कैसे संपर्क कर सकता है.
मोबाइल या ई-मेल पर मिलेगी जानकारी
खाते पर रोक लगाए जाने की जानकारी बैंक को ग्राहक के मोबाइल नंबर या ई-मेल पर भेजनी होगी. यह सूचना तत्काल या अधिकतम अगले कार्य दिवस की समाप्ति तक देना जरूरी होगा.
नई व्यवस्था के जरिए बैंकिंग सिस्टम में संदिग्ध खातों की पहचान और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े लेनदेन पर तेजी से रोक लगाने की कोशिश की जाएगी. साथ ही ग्राहक को खाते पर लगाई गई रोक के कारण और उसे हटाने की प्रक्रिया की जानकारी देने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है.





