Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज नजदीक आते ही बिहार के बाजारों में सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी बढ़ गई है। अगर आप तीज पर पत्नी, बेटी या बहू के लिए सोने के गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो थोड़ी सावधानी आपको नकली हॉलमार्क और फर्जी HUID वाले आभूषणों से बचा सकती है।
सिर्फ गहने पर BIS हॉलमार्क का निशान देखकर उसकी शुद्धता पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है। खरीदारी के दौरान हॉलमार्क, HUID कोड, बिल और ज्वेलर की विश्वसनीयता समेत कई जरूरी बातों की जांच करनी चाहिए।
1. BIS हॉलमार्क जरूर देखें
गहना खरीदते समय सबसे पहले उस पर दर्ज BIS हॉलमार्क की जांच करें। केवल कोई निशान या मुहर देखकर उसे असली मान लेना सही नहीं है। गहने की शुद्धता और हॉलमार्किंग से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।
2. HUID कोड की करें जांच
गहने पर दर्ज HUID (Hallmark Unique Identification) कोड को जरूर देखें। यह कोड गहने की हॉलमार्किंग से संबंधित जानकारी सत्यापित करने में मदद करता है। खरीदारी में जल्दबाजी करने के बजाय कोड की जांच जरूर करें।
3. BIS Care App से सत्यापन करें
ग्राहक गहना खरीदने से पहले HUID कोड को BIS Care App के माध्यम से सत्यापित कर सकते हैं। इससे हॉलमार्क की वैधता से जुड़ी जानकारी हासिल करने में मदद मिलती है। जरूरत पड़ने पर दुकान के कर्मचारी से भी सत्यापन की प्रक्रिया समझी जा सकती है।
4. बहुत सस्ती कीमत और भारी छूट से रहें सावधान
त्योहार के दौरान कम कीमत, भारी छूट या आकर्षक ऑफर देखकर तुरंत खरीदारी करने से बचें। सोने की बाजार कीमत और तैयार गहने की कुल कीमत में अंतर हो सकता है। यदि कीमत असामान्य रूप से कम है तो गहने की शुद्धता और दस्तावेजों की जांच और भी जरूरी हो जाती है।
5. ज्वेलर की विश्वसनीयता जांचें
सोना हमेशा ऐसे ज्वेलर से खरीदना बेहतर है जो BIS से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन करता हो। दुकान की विश्वसनीयता और जरूरी पंजीकरण से संबंधित जानकारी लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। सिर्फ कम कीमत के कारण अनजान दुकान से महंगा आभूषण खरीदने से बचें।
6. वजन और शुद्धता की जानकारी मिलाएं
खरीदारी के समय गहने का वजन, शुद्धता और कैरेट जैसी जानकारी अच्छी तरह जांच लें। बिल में भी ये विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज होने चाहिए। गहने की कीमत किस आधार पर तय की गई है, इसे समझना भी जरूरी है।
7. पक्का बिल लेना न भूलें
सोना खरीदने के बाद पक्का बिल जरूर लें और उसे सुरक्षित रखें। बिल में गहने की कीमत, वजन, शुद्धता और अन्य जरूरी विवरण स्पष्ट होने चाहिए। बिना बिल खरीदारी करने पर भविष्य में गहने की शुद्धता या खरीद से जुड़े विवाद की स्थिति में ग्राहक को परेशानी हो सकती है।
हॉलमार्किंग प्रक्रिया में होती है शुद्धता की जांच
मुंबई के हॉलमार्किंग सेंटर से जुड़े सचिन जाधव के अनुसार, जेवर पर लगे हॉलमार्क की जांच के लिए बिल जरूरी होता है और जांच के बाद रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है। हॉलमार्किंग की प्रक्रिया भारतीय मानक ब्यूरो के निर्धारित मानकों के अनुसार की जाती है। जेवर की शुद्धता और कैरेट की जांच के बाद ही उस पर हॉलमार्क लगाया जाता है।
ऐसे में हरतालिका तीज पर सोने की खरीदारी करते समय केवल हॉलमार्क देखकर संतुष्ट होने के बजाय HUID सत्यापन, कीमत, शुद्धता, ज्वेलर और बिल समेत सभी जरूरी पहलुओं की जांच करना समझदारी होगी।





