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बिहार की जमीन में कहां-कहां छिपा है खजाना? GSI बताएगा ठिकाना, पहचान के बाद खनिज ब्लॉकों की होगी नीलामी

Bihar Mineral News: बिहार में जमीन के नीचे छिपे खनिज संसाधनों की तलाश अब वैज्ञानिक तरीके से तेज करने की तैयारी है। जीएसआई की मदद से संभावित क्षेत्रों का सर्वे और अन्वेषण कराया जाएगा। सर्वे से मिले आंकड़ों के आधार पर नए खनिज ब्लॉकों के विकास...

बिहार की जमीन में कहां-कहां छिपा है खजाना? GSI बताएगा ठिकाना, पहचान के बाद खनिज ब्लॉकों की होगी नीलामी
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Mineral News: बिहार में जमीन के नीचे मौजूद खनिज संसाधनों की तलाश अब आधुनिक तकनीक से तेज की जाएगी. राज्य सरकार ने खनिजों की संभावनाओं का वैज्ञानिक तरीके से पता लगाने और उनके व्यवस्थित दोहन की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी GSI के सहयोग से नए क्षेत्रों में खनिज अन्वेषण कराया जाएगा.


खान एवं भूतत्व विभाग की इस पहल का मकसद उन इलाकों की पहचान करना है, जहां जमीन के नीचे खनिज संसाधन मौजूद होने की संभावना है, लेकिन अब तक वहां पर्याप्त सर्वे या अन्वेषण नहीं हो पाया है. सर्वे से खनिजों की उपलब्धता, गुणवत्ता और संभावित भंडार की स्थिति का पता लगाया जाएगा.


GSI बताएगा कहां मौजूद हैं खनिज

राज्य में खनिज संसाधनों की खोज को गति देने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की तैयारी की है. बैठक में बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में खनिज अन्वेषण की संभावनाओं और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी.


विभाग के अनुसार, वैज्ञानिक सर्वे के जरिए ऐसे इलाकों को चिह्नित किया जाएगा, जहां खनिज मिलने की संभावना है. इसके बाद वहां उपलब्ध संसाधनों और भंडार से जुड़े आंकड़े जुटाए जाएंगे. इन आंकड़ों के आधार पर आगे खनिज ब्लॉकों के विकास और नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.


सर्वे के बाद नए खनिज ब्लॉकों की नीलामी

सरकार की योजना सिर्फ खनिजों की पहचान तक सीमित नहीं है. अन्वेषण से मिलने वाली जानकारी के आधार पर संभावित क्षेत्रों को खनिज ब्लॉक के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके बाद नियमों के तहत इन ब्लॉकों की नीलामी कराई जाएगी.


इससे राज्य में खनन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. साथ ही नए क्षेत्रों में निवेश और सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी की संभावना भी बनेगी.


ई-नीलामी को और पारदर्शी बनाने की तैयारी

बिहार में बड़े खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी को तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है. इसके लिए यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है.


पोर्टल के जरिए नीलामी की प्रक्रिया को एक ही तकनीकी व्यवस्था से संचालित करने की कोशिश होगी. इससे नीलामी में ज्यादा प्रतिस्पर्धा लाने के साथ पूरी प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता को बेहतर किया जा सकेगा.


खनन से बढ़ेगा निवेश और राजस्व

खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, वैज्ञानिक अन्वेषण, आधुनिक तकनीक और पारदर्शी ई-नीलामी को साथ लेकर चलने से बिहार के खनन क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी.


सरकार का फोकस राज्य में उपलब्ध खनिज संसाधनों की वास्तविक क्षमता का पता लगाने पर है, ताकि उन्हें व्यवस्थित तरीके से आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा सके. GSI के सर्वे और आगे होने वाली नीलामी के बाद यह साफ हो सकेगा कि बिहार के किन इलाकों में कौन-कौन से खनिज संसाधन मौजूद हैं और उनके व्यावसायिक इस्तेमाल की कितनी संभावना है.