Bihar Daroga Exam 2026: बिहार दारोगा बहाली परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की एसआईटी ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) से कई अहम जानकारियां मांगी हैं. परीक्षार्थियों के अनुपात में सबसे ज्यादा सफल अभ्यर्थी देने वाले टॉप 20 परीक्षा केंद्र अब जांच के दायरे में हैं. EOU ने ऐसे 20 केंद्रों की सूची और उनसे जुड़ा विस्तृत ब्योरा आयोग से मांगा है.
EOU की एसआईटी ने यह भी जानकारी मांगी है कि किन परीक्षा केंद्रों से क्रमवार रोल नंबर वाले अधिक अभ्यर्थी सफल हुए हैं. इस संबंध में EOU ने BPSSC को 3 और 8 सितंबर को दो अलग-अलग पत्र भेजे हैं. आयोग की ओर से इन पत्रों का जवाब तैयार किया जा रहा है.
शिकायत वाले केंद्रों के वीडियो फुटेज भी मांगे
जांच के दौरान EOU ने उन परीक्षा केंद्रों के वीडियो फुटेज भी मांगे हैं, जिनको लेकर शिकायतें सामने आई हैं. इनमें पूर्णिया के साइबर थाना और गया के रामपुर थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़े परीक्षा केंद्र शामिल हैं. इसके अलावा जिन केंद्रों को लेकर परीक्षार्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई है, उनके फुटेज भी मांगे गए हैं.
इन परीक्षा केंद्रों पर तैनात तत्कालीन केंद्राधीक्षक, वीक्षक, बायोमेट्रिक कर्मी और जैमर कर्मियों की सूची भी EOU ने आयोग से मांगी है. जांच एजेंसी इन कर्मचारियों की भूमिका के साथ-साथ उनके बैकग्राउंड की भी पड़ताल कर सकती है.
पूर्णिया और गया के मामलों से दूसरे केंद्रों का लिंक तलाश रही EOU
पूर्णिया और गया में दर्ज एफआईआर को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है. EOU की एसआईटी इन मामलों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इन परीक्षा केंद्रों का किसी दूसरे केंद्र या परीक्षा से जुड़े लोगों से कोई संपर्क तो नहीं था.
जांच एजेंसी परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों के बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रही है. इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा में किसी तरह की अनियमितता या आपसी मिलीभगत हुई थी या नहीं.
अब तक पेपरलीक का प्रमाण नहीं मिला
EOU सूत्रों के मुताबिक, अब तक की जांच में परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है. हालांकि, पूर्णिया में एक शिक्षक द्वारा वाट्सऐप के जरिए प्रश्न पत्र की कॉपी पटना भेजे जाने और गया में परीक्षा के दौरान सामने आए डिजिटल प्रमाणों की जांच की जा रही है.
इन घटनाओं के आधार पर EOU यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा माफिया से जुड़े लोगों का आपस में कोई संपर्क था या नहीं. जांच एजेंसी परीक्षा केंद्रों, वहां तैनात कर्मचारियों और सफल अभ्यर्थियों से जुड़े पैटर्न की भी पड़ताल कर रही है.
दारोगा बहाली परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रही इस जांच में आने वाले दिनों में और भी जानकारी सामने आ सकती है. फिलहाल BPSSC से मांगी गई जानकारियों और दस्तावेजों के आधार पर EOU की एसआईटी आगे की जांच बढ़ा रही है.





