ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीबिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्री

सहरसा मंडल कारा में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप

सहरसा मंडल कारा में विचाराधीन कैदी सुनील साह की संदिग्ध मौत, परिजन गला रेतकर हत्या का आरोप, पुलिस मामले की जांच में जुटी।

bihar
परिजनों में मचा कोहराम
© REPORTER
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

SAHARSA: इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के सहरसा से आ रही है। जहां सहरसा मंडल कारा में एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। जबकि परिजन हत्या का आरोप लगा रहें हैं। जेल में बंद सुनील साह की गला रेतकर हत्या किए जाने का आरोप परिजन लगा रहे हैं। 


मृतक रेप केस मामले में पिछले 22 महीने से मंडल कारा में बंद था। वहीं मंडल कारा प्रशासन के ओर से कोई भी पदाधिकारी सदर अस्पताल में मौजूद नहीं था। वहीं इस बाबत मृतक कैदी सुनील साह के भाई का कहना है कि रेप के झूठे मुकदमे में उनके भाई सुनील साह को फंसाया गया था। जो 22 महीने से जेल में बंद था, आज अचानक जेल से फोन आया कि उनके भाई की तबीयत खराब है उसका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। 


जब परिजन सदर अस्पताल पहुंचे तो देखा की सुनील साह की मौत हो गयी थी। उसका गला रेता हुआ था, जिसे देखने से प्रथमदृया मामला हत्या का प्रतीत होता है। वहीं इस पूरे मामले में जेल प्रशासन का कोई भी अधिकारी सदर अस्पताल में मौजूद नहीं था। इधर जानकारी मिलते हीं सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार पुलिस बल के साथ सदर अस्पताल पहुँचे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। कई बार फोन से संपर्क करने के बाबजूद भी सम्पर्क नहीं हो पाया।


उक्त मामले में फिलहाल पुलिस कुछ भी कहने से परहेज कर रही है। मामला हत्या का है या आत्महत्या का ये कहना अभी जल्दबाजी होगी। वहीं जेल प्रशासन की ओर कोई ब्यान नहीं आया, लगातार सम्पर्क किया जा रहा है। एक तरफ जहाँ पूरा पुलिस महकमा इसे आत्महत्या कह रहा है तो वहीं परिजन हत्या ऐसे में आगे देखना दिलचस्प होगा कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का ❓

रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें