रिटायर्ड दारोगा को साइबर ठगों ने बनाया शिकार, डिजिटल अरेस्ट के बहाने 58 लाख की ठगी

Saharsa cyber fraud, digital arrest scam, retireसहरसा में सेवानिवृत्त दारोगा को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर साइबर ठगों ने 58 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर सुपौल साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

1st Bihar Published by: RITESH HUNNY Updated Sat, 10 Jan 2026 03:51:17 PM IST

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साइबर ठगों से सावधान - फ़ोटो REPORTER

SAHARSA: सहरसा में सेवानिवृत्त दारोगा को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर साइबर ठगों ने 58 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर सुपौल साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी। फिलहाल मामले की जांच शुरू की गई है।


सहरसा जिले से साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। सदर थाना क्षेत्र के शिवपुरी निवासी एक सेवानिवृत्त दारोगा को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर साइबर अपराधियों ने कुल 58 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित के आवेदन पर सुपौल साइबर थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।


पीड़ित ने अपने आवेदन में बताया कि 23 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी विजय गुप्ता बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड का उपयोग कर एक सिम कार्ड लिया गया है, जिससे महिलाओं के साथ अभद्रता की शिकायत दर्ज हुई है। आरोपी ने बताया कि इस संबंध में मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज है।


पीड़ित ने जब कहा कि वह अपने गांव गढ़बरूआरी में हैं और मुंबई कैसे जाएंगे, तो कॉल करने वाले ने उन्हें लाइन पर रहने को कहा और कोलाबा थाना से जोड़ने का दावा किया। इसके बाद कॉल प्रदीप साह नामक व्यक्ति से जुड़ी, जिसने पीड़ित से आधार कार्ड से जुड़े बैंक खातों की जानकारी मांगी।


आरोपी ने बताया कि पीड़ित के बैंक खाते से बड़ी रकम का लेनदेन हुआ है और पीएमटीएम नरेश गोयल से जुड़े एक फ्रॉड मामले में यह राशि बरामद की गई है। इसके आधार पर पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग जांच, गिरफ्तारी और खाते फ्रीज करने की धमकी दी गई।


डर और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने के भय से 24 दिसंबर को पीड़ित से बैंक ऑफ बड़ौदा, सुपौल शाखा के खाते से 39 लाख रुपये एक्सिस बैंक के एक खाते में ट्रांसफर करवा लिए गए। इसके बाद 26 दिसंबर को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मेन ब्रांच सहरसा के खाते से 19 लाख रुपये और ट्रांसफर करवा लिए गए।


आरोपियों ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद 29 दिसंबर को पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। हालांकि इसके बाद से आरोपी लगातार कॉल पर जुड़े रहे, कभी एसीपी से मीटिंग कराने की बात कहते रहे, लेकिन अब तक ठगी की रकम वापस नहीं की गई। इस संबंध में साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि सुपौल साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है।