ब्रेकिंग
राजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचाराजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचा

Bihar vidhan parishad : बिहार विधान परिषद से गोपनीय डाटा चोरी मामले में सचिव समेत 9 पर केस दर्ज

Bihar vidhan parishad : बिहार विधान परिषद के गोपनीय कंप्यूटर से डाटा चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया था । अवर सचिव समेत 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

 बिहार विधान परिषद डाटा चोरी, गोपनीय डाटा चोरी बिहार, अवर सचिव केस, ईओयू जांच, बिहार विधान परिषद स्कैंडल, Legislative Council Data Theft Bihar, Confidential Data Leak Bihar, FIR Against Secretary Biha
विधान परिषद से गोपनीय डाटा चोरी का मामला
© Google
Nitish Kumar
Nitish Kumar
2 मिनट

Bihar vidhan parishad : बिहार विधान परिषद की नीति शाखा के कंप्यूटर से गोपनीय और महत्वपूर्ण डाटा चोरी कर उसे डिलीट करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में अवर सचिव सहित कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।


यह एफआईआर विधान परिषद के उप सचिव संजय कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर दर्ज की गई है। मामले की जांच की जिम्मेदारी डीएसपी स्तर के एक अधिकारी को सौंपी गई है। गौरतलब है कि विधान परिषद ने 6 जून को ईओयू के एडीजी को पत्र भेजकर डाटा चोरी की औपचारिक शिकायत की थी।


गुप्त शाखा के कंप्यूटर से डाटा किया गया गायब

विधान परिषद के पत्र के अनुसार, 6 जून को दोपहर के समय प्रतिवेदक रवि शेखर ने जब परिषद के विस्तारित भवन स्थित गोपनीय शाखा (कमरा नंबर 24) का कंप्यूटर खोला, तो पाया गया कि उसमें मौजूद सारे महत्वपूर्ण और गोपनीय डाटा को न सिर्फ एक्सेस किया गया, बल्कि उसे पूरी तरह मिटा भी दिया गया है। 


यह कार्रवाई किसी व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से कमरे में घुसकर, कंप्यूटर को अनधिकृत तरीके से एक्सेस करके और बेईमानी व दुर्भावना के साथ की गई बताई जा रही है। हालांकि परिषद की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि डाटा किस विषय से संबंधित था, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह मामला बहाली प्रक्रिया से जुड़ा हो सकता है। इस संवेदनशील मामले ने शासन-प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईओयू द्वारा की जा रही जांच से यह साफ हो पाएगा कि डाटा चोरी के पीछे कौन था और इसका मकसद क्या था।