Tejashwi Yadav : तेजस्वी यादव को 25 जनवरी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, राजद में हो सकता है बड़ा संगठनात्मक बदलाव

Tejashwi Yadav : बिहार की राजनीति में 25 जनवरी को तेजस्वी यादव को राजद का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना है। इस फैसले से पार्टी में बड़े संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 20 Jan 2026 12:58:43 PM IST

Tejashwi Yadav

Tejashwi Yadav - फ़ोटो FILE PHOTO

Tejashwi Yadav : बिहार की राजनीति में 25 जनवरी को एक बार फिर हलचल तेज होने की संभावना है। विपक्ष के नेता और राजद के युवा चेहरा तेजस्वी यादव को इस दिन नई जिम्मेदारी मिलने की चर्चा जोरों पर है। जानकारी के मुताबिक, 25 जनवरी को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा हो सकती है। इस बदलाव को लेकर पार्टी में व्यापक चर्चा और संगठनात्मक फेरबदल की आशंका जताई जा रही है।


राजद के शीर्ष नेतृत्व के अंदर यह बात लगभग तय मानी जा रही है कि तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाएगा। अगर कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ, तो 25 जनवरी को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया जा सकता है। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि इस राष्ट्रीय आयोजन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव खुद इस घोषणा को सार्वजनिक कर सकते हैं। हालांकि, अब तक इस बारे में किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पार्टी के भीतर कुछ लोग इसे केवल अटकलें भी बता रहे हैं।


राजद में संगठनात्मक बदलाव की बात लंबे समय से चल रही है। पार्टी के भीतर कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर नेता और कार्यकर्ता लगातार चर्चा करते रहे हैं। 2024 और 2025 के चुनावी नतीजों के बाद पार्टी के भीतर कई सवाल उठे हैं। ऐसे में तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने से पार्टी में नया जोश और नई दिशा आने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे यह संदेश भी जाएगा कि पार्टी अगले चुनावों के लिए तैयारियों को और तेज करना चाहती है और युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर जोर दे रही है।


राजद में राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी को लेकर जो प्रक्रिया है, उसके अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का निर्णय राष्ट्रीय परिषद की बैठक में लिया जाता है। ऐसे में 25 जनवरी की कार्यकारिणी बैठक में इस मुद्दे पर एक इन्फॉर्मल प्रस्ताव लाया जा सकता है, जबकि इसकी मंजूरी की औपचारिक घोषणा का अधिकार केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास ही है। इसलिए यह माना जा रहा है कि यदि प्रस्ताव पास होता है, तो उसके बाद ही लालू प्रसाद इसकी औपचारिक घोषणा करेंगे। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी इस बदलाव के पक्ष में हैं, लेकिन कुछ लोग इसे जल्दबाजी और असमय बदलाव भी मान रहे हैं।


विधानसभा चुनाव में राजद और महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद से ही तेजस्वी यादव और उनके नेतृत्व को लेकर सवाल उठते रहे हैं। चुनाव के बाद पार्टी के अंदर आलोचना भी हुई, जिसमें कई लोग तेजस्वी यादव के फैसलों और रणनीति पर सवाल उठा चुके हैं। इसी वजह से पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन और संगठन को पुनर्गठित करने की जरूरत महसूस की जा रही है। तेजस्वी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं के पीछे यही वजह सबसे अधिक मानी जा रही है कि पार्टी को नई ऊर्जा और नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ना है।


राजद के भीतर यह भी माना जाता है कि तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने से पार्टी को एक नया संगठनात्मक ढांचा मिलेगा। इससे पार्टी के अंदर युवा और पुराने नेताओं के बीच संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह कदम युवा वोटरों और संगठन को एक नया संदेश देगा कि पार्टी अपने नेतृत्व में बदलाव के लिए तैयार है। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्तर पर राजद की स्थिति को मजबूत करने के लिए भी यह एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।


हालांकि, 25 जनवरी की बैठक में क्या फैसला होता है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। अगर प्रस्ताव पास होता है तो यह राजद के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकेत होगा। वहीं, अगर किसी कारणवश प्रस्ताव पर फैसला टलता है या वापस लिया जाता है, तो इससे भी पार्टी में नई चर्चा शुरू हो सकती है। फिलहाल, राजद के कार्यकर्ता और समर्थक इस बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं और राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को लेकर कयासों का दौर जारी है।


बहरहाल, 25 जनवरी को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक राजद के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की संभावनाओं के बीच पार्टी के संगठन में बड़े बदलाव की उम्मीद है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय केवल बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।