Ration card : बिहार में 1.5 करोड़ से ज्यादा राशन कार्ड होंगे रद्द, ई-केवाईसी के लिए नहीं मिलेगा और समय

Ration card : बिहार में 8.25 करोड़ से अधिक लोग राशन कार्ड पर निर्भर हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत, सरकार ने सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दिया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 03, 2025, 2:14:37 PM

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Ration card : बिहार में 1.5 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है। 31 मार्च की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद ऐसे कार्ड धारकों को राशन सेवाओं से वंचित किया जा सकता है। अब वे राशन कार्ड के लाभ नहीं ले पाएंगे।


सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब ई-केवाईसी की समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। पहले भी कई बार समय बढ़ाया गया था, लेकिन कई लोगों ने आधार लिंक और ई-केवाईसी पूरा नहीं किया। 1 अप्रैल से ऐसे राशन कार्ड धारकों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। शुरुआत में, राशन दुकानों पर POS मशीन के जरिए ई-केवाईसी की सुविधा दी गई थी। बाद में, फेसियल ई-केवाईसी (Facial e-KYC) भी शुरू किया गया, लेकिन इसके बावजूद कई लोगों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की।

सरकार का सख्त रुख – पात्र लोगों को ही मिलेगा लाभ 

सरकार का कहना है कि राशन कार्ड का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों को ही मिलना चाहिए। इसलिए, जिन लोगों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, वे राशन सेवाओं से वंचित हो सकते हैं। राशन कार्ड का लाभ जारी रखने के लिए आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी अनिवार्य है। सरकार का यह कदम सुनिश्चित करता है कि राशन सही जरूरतमंदों तक पहुंचे और अपात्र लोगों को हटाया जा सकेगा |