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Indian Railway : अब टिकट कैंसिल किया तो पैसा गया! रेलवे के नए नियम से इन लोगों पर कड़ी चोट; जानिए रिफंड लेने के लिए क्या करना होगा

भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन के नियम बदले। अब 8 घंटे से पहले कैंसिल करने पर रिफंड नहीं मिलेगा, जानें नए नियम और फायदे।

Indian Railway : अब टिकट कैंसिल किया तो पैसा गया! रेलवे के नए नियम से इन लोगों पर कड़ी चोट; जानिए रिफंड लेने के लिए क्या करना होगा
Tejpratap
Tejpratap
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Indian Railway : भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कन्फर्म टिकट कैंसिलेशन के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। ये नए नियम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। रेलवे का मानना है कि इन बदलावों से न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि दलालों की मनमानी पर भी अंकुश लगेगा।


रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कुछ एजेंट और दलाल बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे। बाद में जो टिकट नहीं बिकते थे, उन्हें ट्रेन चलने से ठीक पहले कैंसिल कर दिया जाता था, जिससे उन्हें ज्यादा रिफंड मिल जाता था। इस प्रक्रिया से आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में दिक्कत होती थी।


समय के आधार पर तय होगा रिफंड

नए नियमों के तहत अब टिकट कैंसिल करने पर मिलने वाला रिफंड ट्रेन के चलने से पहले बचे समय के आधार पर तय किया जाएगा। इससे आखिरी समय में टिकट कैंसिल कर फायदा उठाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।


72 घंटे पहले कैंसिलेशन: अगर कोई यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे अधिकतम रिफंड मिलेगा। इस स्थिति में केवल तय कैंसिलेशन चार्ज ही काटा जाएगा।

72 से 24 घंटे के बीच: इस अवधि में टिकट कैंसिल करने पर कुल किराए का 25 प्रतिशत काटा जाएगा, साथ ही न्यूनतम चार्ज लागू रहेगा।

24 से 8 घंटे के बीच: अगर टिकट ट्रेन के चलने से 24 से 8 घंटे पहले कैंसिल किया जाता है, तो 50 प्रतिशत किराया काट लिया जाएगा।

8 घंटे से कम समय: ट्रेन के प्रस्थान समय से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।


रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह नया सिस्टम यात्रियों को समय रहते निर्णय लेने के लिए प्रेरित करेगा और टिकटों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा।


बोर्डिंग स्टेशन बदलने में बड़ी राहत

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियमों में भी ढील दी है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। अभी तक यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही उपलब्ध थी, जिससे कई यात्रियों को परेशानी होती थी, खासकर उन शहरों में जहां एक से अधिक रेलवे स्टेशन होते हैं। नए नियम के लागू होने के बाद यात्रियों को आखिरी समय तक अपनी यात्रा योजना में बदलाव करने की आजादी मिलेगी।


यात्रियों और सिस्टम दोनों को फायदा

रेलवे का कहना है कि इन बदलावों से दोहरा फायदा होगा। एक ओर जहां यात्रियों को ज्यादा लचीलापन और सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर टिकटों की कालाबाजारी और फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वेटिंग लिस्ट में शामिल यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी, क्योंकि अनावश्यक बुकिंग और आखिरी समय में कैंसिलेशन की प्रवृत्ति कम होगी।


कुल मिलाकर, भारतीय रेलवे के ये नए नियम यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम माने जा रहे हैं। अब यह देखना होगा कि लागू होने के बाद ये बदलाव जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाते हैं।

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