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हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर संदिग्ध IP कैमरा मिलने से मचा हड़कंप, आतंकी यासीन भटकल की तस्वीर मिलने की बात आई सामने, ATS-STF जांच में जुटी

हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर रेलवे सिग्नल टावर से संदिग्ध IP कैमरा मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। कैमरे का आतंकी नेटवर्क और पाकिस्तान कनेक्शन सामने आने के बाद ATS, STF और GRP संयुक्त जांच में जुटी हैं।

बिहार न्यूज
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

HAJIPUR: हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर सराय स्टेशन के आगे समपार ढाला संख्या-43 सी स्पेशल के पास लगे सिग्नल टावर पर एक संदिग्ध इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) कैमरा मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। आशंका जताई जा रही है कि आतंकी नेटवर्क रेलवे ट्रैक और सड़क मार्ग की निगरानी कर रहा था। सोलर ऊर्जा से संचालित इस कैमरे को इंटरनेट के जरिए ऑपरेट किया जा रहा था।


मामले का खुलासा तब हुआ जब गुमटी मैन ने एक संदिग्ध युवक द्वारा कैमरा लगाए जाने की सूचना स्टेशन मास्टर को दी। जांच के दौरान कैमरे में आतंकी यासीन भटकल की तस्वीर मिलने की बात सामने आई है। वहीं, आईपी एड्रेस की जांच में कर्नाटक के तटीय क्षेत्र से पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से इसके जुड़े होने के संकेत मिले हैं।


सराय स्टेशन के स्टेशन मास्टर मनोज कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की सूचना रेलवे मुख्यालय को भेज दी गई। शुक्रवार देर शाम एटीएस की तीन सदस्यीय टीम और एसटीएफ के अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए। पूर्व मध्य रेल के आरपीएफ आईजी अमरेश कुमार और रेल एसपी बीणा कुमारी को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।


बताया जा रहा है कि एक दिन पहले हरियाणवी बोलने वाला एक युवक समपार फाटक पर पहुंचा था। उसने खुद को किसी एनजीओ से जुड़ा बताया और सिग्नल टावर पर कैमरा लगाकर वहां से निकल गया। युवक की गतिविधि संदिग्ध लगने पर गुमटीमैन ने स्टेशन मास्टर को सूचना दी। इसके बाद आरपीएफ को जानकारी दी गई और मामला जीआरपी हाजीपुर व मुजफ्फरपुर को सौंपा गया।


प्रारंभिक जांच के दौरान जीआरपी के एसआई ने कैमरा उतरवाकर सुरक्षित रखवा दिया। बाद में रेल डीएसपी सोनपुर सहकार खान के नेतृत्व में जीआरपी टीम ने गहन जांच शुरू की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इसके बाद कैमरे को तकनीकी जांच के लिए मुजफ्फरपुर जीआरपी को सौंप दिया गया।


हाजीपुर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम जांच कर रही है। वहीं, मुजफ्फरपुर जीआरपी की अलग टीम भी विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल में जुटी है। जांच में रेलवे के तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। जांच में पता चला है कि कैमरा आईपी तकनीक आधारित और मूवेबल है, जिसे मोबाइल के जरिए दूर से ऑपरेट किया जा रहा था। कैमरे में 4-जी सिम लगाया गया था और यह रात के अंधेरे में भी स्पष्ट रिकॉर्डिंग करने में सक्षम था। पुलिस ने कैमरे से करीब एक घंटे की रिकॉर्डिंग भी बरामद की है।


सूत्रों के अनुसार, कैमरे के जरिए रेलवे ट्रैक के साथ-साथ सड़क मार्ग की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही थी। आशंका जताई जा रही है कि किसी वीआईपी मूवमेंट, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने, हत्या या बड़े आतंकी हमले की रेकी के लिए कैमरा लगाया गया हो सकता है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि कैमरा लगाने वाले संदिग्ध युवक की पहचान की जा सके।





हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर संदिग्ध IP कैमरा मिलने से मचा हड़कंप, आतंकी यासीन भटकल की तस्वीर मिलने की बात आई सामने, ATS-STF जांच में जुटी

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Vikramjeet

FirstBihar संवाददाता