Patna Traffic Update: पटना में सड़क निर्माण कार्य को लेकर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. मंगलवार से मसौढ़ी मोड़ से जीरो माइल के बीच वाहनों का आवागमन बंद रहेगा. यह व्यवस्था करीब 45 दिनों तक लागू रहने की संभावना है. निर्माण एजेंसी ने तय समय के भीतर काम पूरा करने का आश्वासन दिया है.
सड़क निर्माण के कारण इस मार्ग पर वाहनों का दबाव कम रखने और जाम की स्थिति से बचने के लिए यातायात पुलिस ने वैकल्पिक रास्ते तय किए हैं. पश्चिम की ओर जाने वाले वाहन मसौढ़ी मोड़ से करीब एक किलोमीटर आगे विजयनगर के पास यू-टर्न लेकर गांधी सेतु की ओर जा सकेंगे. वहीं, बाइपास की तरफ से आने वाले वाहन जीरो माइल फ्लाइओवर का इस्तेमाल कर अपने गंतव्य तक जा सकेंगे.
मंगलवार से पुलिसकर्मियों की होगी तैनाती
यातायात में बदलाव वाले स्थानों पर मंगलवार से पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. पुलिसकर्मी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजेंगे, ताकि निर्माण स्थल के आसपास यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो.
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से निर्माण कार्य पूरा होने तक प्रतिबंधित मार्ग पर नहीं जाने और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
जीपीओ आरओबी पर भी मालवाहक वाहनों के समय में बदलाव
पटना के जीपीओ आरओबी पर लगने वाले जाम को नियंत्रित करने के लिए मालवाहक वाहनों के परिचालन को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है. यहां सुबह और शाम व्यस्त समय में मालवाहक वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी.
बुद्ध मार्ग और मीठापुर की ओर से आने वाले मालवाहक वाहन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक और शाम 6 बजे से रात 8:30 बजे तक जीपीओ आरओबी से नहीं गुजर सकेंगे. इन वाहनों को अनीसाबाद, बेऊर और न्यू बाइपास के रास्ते अपने गंतव्य तक जाना होगा.
आरओबी पर बढ़ गया है वाहनों का दबाव
मीठापुर-महुली एलिवेटेड फ्लाइओवर पर यातायात शुरू होने के बाद जीपीओ आरओबी पर वाहनों का दबाव बढ़ा है. खासकर सुबह और शाम के समय यहां जाम की स्थिति बन रही है. यातायात पुलिस के अनुसार, व्यस्त समय में मालवाहक वाहनों की संख्या बढ़ने से आरओबी पर यातायात प्रभावित होता है.
ट्रैफिक एसपी सागर कुमार ने सोमवार को जीपीओ टीओपी का निरीक्षण किया और वहां तैनात पुलिस अधिकारियों से नई यातायात व्यवस्था की जानकारी ली. नई व्यवस्था के तहत आरओबी के दोनों छोर पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि प्रतिबंधित समय में मालवाहक वाहनों को वैकल्पिक रास्तों की ओर भेजा जा सके.





