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एक्सीडेंट के बाद 7 दिनों तक मिलेगा कैशलेस इलाज, 60 लोगों को मिला PM राहत योजना का लाभ

सड़क दुर्घटना में घायल लोगों के लिए पीएम राहत योजना के तहत 1.50 लाख रुपये तक का निःशुल्क कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। दुर्घटना के बाद 7 दिनों तक सरकार उपचार का पूरा खर्च वहन करती है। राज्य में अब तक 60 पीड़ित इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।

बिहार न्यूज
गोल्डन ऑवर में इलाज से बचेगी जान
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: सड़क दुर्घटना के बाद इलाज के खर्च की चिंता अब नहीं सताएगी। केंद्र सरकार की पीएम राहत योजना के तहत सड़क हादसे में घायल लोगों को 1.50 लाख रुपये तक का निःशुल्क और कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। दुर्घटना के बाद 7 दिनों तक आयुष्मान भारत से निबंधित अस्पतालों में उपचार का पूरा खर्च सरकार उठाती है, जिससे गोल्डन ऑवर में समय पर इलाज मिल सकेगी और अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकेगी।


सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा ईलाज के खर्च की चिंता से मुक्त करने के उद्देश्य से राज्य में पीएम राहत योजना प्रभावी रूप से संचालित है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल प्रत्येक पीड़ित को 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस (निःशुल्क) उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। दुर्घटना की तिथि से अगले 7 दिनों तक उपचार का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है।


राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने बताया कि योजना के अंतर्गत दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। अस्पताल द्वारा मरीज का विवरण ऑनलाइन ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) में दर्ज किया जाता है, जिसके बाद पुलिस सत्यापन एवं आवश्यक अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित को योजना का लाभ दिया जाता है।


पीएम राहत योजना के तहत राज्य में अब तक 87 मामलों में कार्रवाई की गई है, जिनमें 60 सड़क दुर्घटना पीड़ितों का सफलतापूर्वक निःशुल्क उपचार कराया जा चुका है। योजना का उद्देश्य गोल्डन ऑवर के दौरान त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की जान बचाना है।


राज्य परिवहन आयुक्त ने आमजन से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तुरंत निकटतम नामित अस्पताल (आयुष्मान निबंधित) पहुंचाएं, ताकि वे पीएम राहत योजना का लाभ प्राप्त कर सकें और समय पर उपचार मिलने से उनका जीवन सुरक्षित किया जा सके। दुर्घटना के बाद का गोल्डन ऑवर जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। पीएम राहत योजना का उद्देश्य इसी अवधि में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करना है।

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