Bihar Politics: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर देशभर में जारी चर्चा के बीच बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पटना स्थित सरकारी आवास पर जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं का जुटान हुआ। पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह और अशोक चौधरी ने नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बैठक के बाद बिहार की सियासत में अटकलों का दौर और तेज हो गया है।
UCC को लेकर चल रही बहस के साथ-साथ जेडीयू में संभावित बड़े बदलाव की चर्चाओं के बीच इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या जेडीयू के नाम में बदलाव कर इसे ‘जेडीयू नीतीश’ किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इन अटकलों के बीच जेडीयू ने 18 सितंबर को एक बड़ी बैठक बुलाई है। इसी दिन जेडीयू विधानमंडल दल की भी विशेष बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस बैठक में UCC को लेकर पार्टी के रुख और संगठन के नाम में संभावित बदलाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि वर्ष 2029 तक NDA शासित 21 राज्यों में UCC लागू कर दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद बिहार NDA में इस मुद्दे को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।
JDU ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि बिहार में किसी भी कीमत पर UCC लागू नहीं किया जाएगा। वहीं, BJP की ओर से कहा गया है कि यदि अमित शाह ने UCC लागू करने की बात कही है तो बिहार में भी इसे लागू किया जाएगा। NDA के अन्य सहयोगी दलों ने BJP के रुख का समर्थन करते हुए UCC को देशहित में बताया है।
अब सबकी नजरें 18 सितंबर को होने वाली JDU की बैठक पर टिकी हैं। बैठक में UCC को लेकर पार्टी के रुख और संगठन से जुड़े संभावित फैसलों को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना





