1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Sun, 25 Jan 2026 12:27:31 PM IST
भाजपा दफ्तर में मन की बात सुनते कार्यकर्ता - फ़ोटो self
Bihar News: पीएम मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 130वां एपिसोड आज 25 जनवरी को प्रसारित हुआ. प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' प्रोग्राम का इस वर्ष यह पहला एपिसोड है. प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को सुनने के लिए बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय से लेकर निचले स्तर तक व्यवस्था करती है. खासकर प्रदेश दफ्तर में मन की बात सुनने को लेकर खास तैयारी की जाती है, जिसमें दल के वरिष्ठ नेता शामिल होते रहे हैं. वर्ष 2026 में पीएम मोदी के पहले एपिसोड में बिहार भाजपा के बड़े नेता अपने-अपने क्षेत्र में रहे.
प्रदेश कार्यालय में मन की बात कार्यक्रम में सिर्फ कार्यकर्ता
बिहार भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आज पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम में सिर्फ कार्यकर्ता शामिल रहे. दोनों डिप्टी सीएम से लेकर प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और तमाम बड़े नेता क्षेत्र में रहे. मुट्ठी भर कार्यकर्ता ही पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम सुनने के लिए प्रदेश कार्यालय में मौजूद थे. जो तस्वीरें सामने आई हैं, उससे सिर्फ कार्यकर्ता ही दिख रहे हैं. नेताओं की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई थी.
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत 'नेशनल वोटर्स डे' का जिक्र करते हुए की. उन्होंने कहा कि 'मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा होता है'.मोदी ने कहा, 'साल 2026 की यह पहली 'मन की बात' है. कल 26 जनवरी को हम सभी गणतंत्र दिवस का पर्व मनाएंगे. इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था. 26 जनवरी का ये दिन हमें अपने संविधान निर्माताओं को नमन करने का अवसर देता है. आज 25 जनवरी का दिन भी बहुत अहम है. आज 'नेशनल वोटर्स डे' यानी 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' है. मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा होता है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि, आमतौर पर जब कोई 18 साल का हो जाता है, मतदाता बन जाता है तो उसे जीवन का एक सामान्य पड़ाव समझा जाता है. लेकिन, दरअसल ये अवसर किसी भी भारतीय के जीवन का बहुत बड़ा माइलस्टोन होता है. इसलिए बहुत जरूरी है कि हम देश में वोटर बनने का, मतदाता बनने का उत्सव मनाएं. आज 'मतदाता दिवस' पर मैं अपने युवा साथियों से फिर आग्रह करूंगा कि वे 18 साल का होने पर वोटर के रूप में खुद को जरूर रजिस्टर करें.
उन्होंने कहा कि 10 साल पहले, जनवरी 2016 में हमने एक महत्वाकांक्षी यात्रा की शुरुआत की थी. तब हमें इस बात का एहसास था कि भले ही यह छोटा क्यों ना हो लेकिन यह युवा पीढ़ी के लिए, देश के भविष्य के लिए, काफी अहम है. तब कुछ लोग ये समझ ही नहीं पाए कि ये आखिर है क्या. मैं जिस यात्रा की बात कर रहा हूं, वह है स्टार्ट-अप इंडिया की यात्रा. इस अद्भुत यात्रा के हीरो हमारे युवा साथी हैं.'
भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप्स इकोसिस्टम बन चुका है. ये स्टार्ट-अप्स लीक से हटकर हैं. आज वे ऐसे सेक्टर्स में काम कर रहे हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. एआई, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, सेमी कंडक्टर्स, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी, आप नाम लीजिए और कोई न कोई भारतीय स्टार्ट-अप उस सेक्टर में काम करते हुए दिख जाएगा. मैं अपने उन सभी युवा-साथियों को सैल्यूट करता हूं जो किसी-न-किसी स्टार्ट-अप से जुड़े हैं या फिर अपना स्टार्ट-अप शुरू करना चाहते हैं.'