पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच तेज, शंभू हॉस्टल में 3.5 घंटे तक CBI की छानबीन

पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई ने साढ़े तीन घंटे तक जांच की। छात्रा के कमरे से दस्तावेज, किताबें और अन्य सामान जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 14 Feb 2026 09:50:22 PM IST

बिहार न्यूज

कई दस्तावेज साथ ले गई टीम - फ़ोटो रिपोर्टर

PATNA:नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले की जांच को लेकर पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के मुन्ना चक स्थित शंभू हॉस्टल की जांच के लिए सीबीआई की टीम शनिवार को पहुंची। इस दौरान शंभू हॉस्टल के बाहर और अंदर की जांच की गयी। कैमरे से तस्वीरें भी खींची गयी। साढ़े 3 घंटे तक सीबीआई ने हॉस्टल को खंगाला।जिस कमरे में नीट छात्रा रहती थी, वहां भी टीम गई। 


सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एंट्री और एग्जिट गेट की जांच की गयी। सीबीआई की टीम शंभू हॉस्टल से छात्रा के कमरे से कई अहम दस्तावेज अपने साथ ले गयी है। सफेद रंग का 3 बोरा कार में रखकर सीबीआई की टीम अपने साथ ले गयी। जिसमें कॉपी, किताबें, दस्तावेज, बेड शीट और कपड़े सहित अन्य सामान है जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि इसके बाद सहज सर्जरी और प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल भी सीबीआई की टीम जा सकती है। क्योंकि तबीयत बिगड़ने के बाद छात्रा को इलाज के लिए इन अस्पताल में ले जाया गया था।


बता दें कि पटना के इसी शंभू हॉस्टल में बीते 6 जनवरी को मेडिकल की तैयारी करने वाली जहानाबाद की छात्रा बेहोश मिली थी। जिसका इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। जिसके बाद पुलिस ने बताया था कि छात्रा ने सुसाइड किया है। लेकिन परिजन कह रहे थे कि उसकी रेप के बाद हत्या की गयी है। पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि जब हुई तब मामले की जांच के लिए एसआईटी बनायी गयी। 


जब एसआईटी की टीम जांच में जुटी थी कि तभी फॉरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने की बात सामने आई तब माता-पिता-भाई-मामा सहित 18 लोगों का ब्लड सैंपल DNA जांच के लिए भेजा गया लेकिन वह किसी का मैच नहीं हुआ। इस केस को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और बिहार पुलिस पर सवाल उठाती रही। नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की कार्यशैली पर लोग सवाल उठाने लगे। जिसके बाद नीतीश सरकार ने 31 जनवरी को नीट छात्रा केस की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश कर दी। लेकिन केन्द्रीय गृह मंत्रालय से 12 दिन बाद मंजूरी मिली। मंजूरी मिलने के बाद 12 फरवरी को पटना में सीबीआई ने केस दर्ज किया और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गयी।