ब्रेकिंग
कैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तारकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तार

CM Nitish Gift : होली के बाद बिहार सरकार ने जनप्रतिनिधियों को दिया बड़ा उपहार, जानिए क्या है खास

CM Nitish Gift: राज्य के नर्सिंग स्टाफ को सेवांत लाभ और छुट्टी स्वीकृति की प्रक्रिया को भी सरल बना दिया गया है।

Nitish Kumar
Nitish Kumar
© File photo
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

CM Nitish Gift: बिहार सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और नर्सिंग सेवाओं में काम कर रहे कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिया है। अब पंचायत के मुखिया, सरपंच, पंच, वार्ड सदस्य, प्रमुख, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों को मासिक भत्ते का भुगतान हर महीने किया जाएगा। 


वहीं, राज्य के नर्सिंग स्टाफ को सेवांत लाभ और छुट्टी स्वीकृति की प्रक्रिया को भी सरल बना दिया गया है।


जबकि अब तक त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरी के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भत्ता हर चौथे महीने (अप्रैल, जुलाई और नवंबर) में दिया जाता था। लेकिन पंचायती राज विभाग ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए भत्ते का भुगतान हर महीने करने का फैसला किया है।


मालूम हो कि, भत्ते का भुगतान पीएफएमएस प्रणाली के जरिए सीधे बैंक खाते में किया जाएगा।


जिला स्तर पर भुगतान प्रणाली लागू होगी, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। जिला पंचायत कार्यालय में मेकर, चेकर और एप्रूवर की आईडी बनाई जाएगी ताकि भुगतान सुचारू रूप से हो सके।


बता दें कि, पहले ये स्वीकृतियां मुख्यालय स्तर पर दी जाती थीं, जिससे देरी और तकनीकी दिक्कतें आती थीं। अब सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेज अधीक्षक और अति विशिष्ट अस्पतालों के निदेशक को यह शक्तियां दी गई हैं। सेवा लाभ का भुगतान स्वच्छता प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही किया जाएगा।

संबंधित खबरें