Bihar Weather: आज से तीन दिनों तक बिगड़ा रहेगा बिहार में मौसम का मिजाज, आंधी-तूफान के साथ गिरेंगे ओले, IMD का अलर्ट

Bihar Weather: बिहार में मौसम करवट लेने वाला है। आज से अगले तीन दिनों तक आपके जिले में बारिश और ठनके को लेकर क्या चेतावनी है, जानिये।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 20, 2025, 6:54:36 AM

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आज से तीन दिनों तक बिगड़ा रहेगा बिहार में मौसम का मिजाज - फ़ोटो First Bihar

Bihar Weather: बिहार में आज से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। आईएमडी के अनुसार, आज यानी 20 मार्च को राज्य के भभुआ, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई और बांका जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना है। इसलिए सभी 07 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।


बिहार मौसम सेवा केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 21 और 22 मार्च को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, पटना, भोजपुर, कैमूर (भभुआ), रोहतास, गया, नवादा, नालंदा, समस्तीपुर, सहरसा, पूर्णिया और भागलपुर जिलों के भागों में कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश होने की संभावना है। इन सभी जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।


कल, यानी 21 मार्च को राज्य के सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, खगड़िया, बेगूसराय, शेखपुरा, लखीसराय, नालंदा, नवादा, पटना, गया, जहानाबाद, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश होने की संभावना है। विशेषकर औरंगाबाद, गया और नवादा जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवा (30-40) किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है।


परसों, यानी 22 मार्च को राज्य के गया, नवादा, जमुई, बांका, भागलपुर, लखीसराय और मुंगेर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात, ओलावृष्टि और तेज हवा (30-40) किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है। इसके अलावा शेष सभी जिलों में बारिश होती रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक 23 मार्च से धीरे-धीरे इसका असर कम होगा। इस दौरान बिहार का अधिकतम तापमान 30°C से 34°C के बीच जबकि न्यूनतम तापमान 18°C से 24°C के बीच रहने का पूर्वानुमान है। बारिश अधिक होने से तापमान में कमी आयेगी।


जानकारी के मुताबिक ओडिशा के मध्य भागों से दक्षिण छत्तीसगढ़ होते हुए दक्षिण विदर्भ तक समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक द्रोणी रेखा बनी हुई है। पूर्वोत्तर असम और उसके आसपास ऊपरी हवा में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है और अब यह समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर तक फैल गया है। वहीं दक्षिण-पूर्व ईरान और उसके आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र के रूप में पश्चिमी विक्षोभ अब अफगानिस्तान में समुद्र तल से 5.8 और 7.6 किमी ऊपर स्थित है। इन सभी मौसमी सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से मौसम का मिजाज बिगड़ रहा है।