1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 03, 2025, 6:00:36 AM
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Bihar Weather News: बिहार में मौसम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है। सुबह-सुबह कोहरा रहता है। वहीं, दिन होते ही तेज धूप निकलने लगती है। ऐसे में लोगों में कंफ्यूजन बढ़ गया है कि वो स्वेटर पहने या न पहने। मौसम विज्ञान केंद्र ने 3 फरवरी 2025 को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के बारे में चेतावनी दी है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। खासकर बिहार के 10 जिलों में आज यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां घने कोहरे का सामना करना पड़ सकता है। बाकी 28 जिलों में मौसम सामान्य रहेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 15 फरवरी तक ठंड का असर रहेगा और उसके बाद मौसम में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटेगी। 5 और 6 फरवरी को राज्य के कई जिलों में बादल छाए रहेंगे, जिससे हल्की ठंड की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस बीच, 3 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जो पहले से ज्यादा ताकतवर हो सकता है, और इससे पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना है। 6 फरवरी के बाद ठंडी हवाएं उत्तरी बिहार में प्रवेश करेंगी, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट और रात में अधिक ठंड का अनुभव होगा।
इस सीजन में कम ठंड का अनुभव
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एसके पटेल ने बताया कि इस बार बिहार में पिछले साल की तुलना में कम ठंड पड़ी है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ की वजह से इस मौसम में कड़ाके की ठंड का अनुभव नहीं हुआ। दिसंबर और जनवरी में ठंड का असर अपेक्षाकृत कम रहा और बिहार में कोल्ड वेव जैसी स्थिति नहीं बनी। फिलहाल, राज्य के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 3-4 डिग्री सेल्सियस तक नहीं गिरा है।
फसलों को हो सकता है नुकसान
मौसम में बदलाव के साथ तापमान में वृद्धि हो रही है, जिससे फसलों के लिए जोखिम पैदा हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण द्विवेदी के मुताबिक, अगर तापमान में बढ़ोतरी जारी रही तो यह चना, मसूर और मक्का जैसी फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि, अगर अगले कुछ दिनों तक ठंड की सामान्य स्थिति बनी रही तो इन फसलों के लिए यह लाभकारी हो सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
पश्चिमी विक्षोभ एक खास प्रकार का तूफान होता है जो मध्य सागर से ठंडी हवाओं के साथ आता है। जब यह विक्षोभ सक्रिय होता है, तो हवा की दिशा बदल जाती है और तापमान में उतार-चढ़ाव होता है। जैसे ही यह विक्षोभ दूर होता है, ठंडी हवाएं फिर से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं, जिससे ठंड बढ़ जाती है। बिहार में इन मौसम बदलावों के साथ कृषि और स्वास्थ्य पर असर हो सकता है, और आने वाले दिनों में ठंड और बारिश के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए तैयारी करना महत्वपूर्ण होगा।