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Bihar Teacher Transfer: शिक्षकों के ट्रांसफर का काउंटडाउन शुरू, ई-शिक्षा कोष पर दिखा विकल्प; इस तारीख से नए स्कूल में योगदान

बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण का काउंटडाउन शुरू हो गया है। ई-शिक्षा कोष पर ट्रांसफर से जुड़े विकल्प दिखने लगे हैं। 10 से 14 सितंबर के बीच स्कूल आवंटन और 15 सितंबर से नए विद्यालय में योगदान की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

Bihar Teacher Transfer: शिक्षकों के ट्रांसफर का काउंटडाउन शुरू, ई-शिक्षा कोष पर दिखा विकल्प; इस तारीख से नए स्कूल में योगदान
Tejpratap
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बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। शिक्षकों के ई-शिक्षा कोष पर ट्रांसफर से जुड़ी गतिविधियां नजर आने लगी हैं, जिसके बाद संबंधित शिक्षकों के बीच उत्सुकता और बेचैनी दोनों बढ़ गई है। अब जल्द ही यह साफ हो जाएगा कि किस शिक्षक को जिले के किस विद्यालय में नई जिम्मेदारी मिलेगी।

विभागीय कार्यक्रम के अनुसार 10 से 14 सितंबर के बीच सरप्लस और पारस्परिक स्थानांतरण वाले शिक्षकों को विद्यालय आवंटन से संबंधित पत्र जारी किया जाना है। इसके बाद 15 सितंबर से शिक्षक अपने आवंटित नए विद्यालय में योगदान देना शुरू कर सकेंगे। ऐसे में अगले कुछ दिनों में कई स्कूलों में शिक्षकों के चेहरे बदलते नजर आ सकते हैं।

ई-शिक्षा कोष पर दिखने लगा विकल्प, लेकिन पत्र का इंतजार

स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर सबसे अधिक चर्चा फिलहाल ई-शिक्षा कोष पोर्टल को लेकर है। कई सरप्लस शिक्षकों के पोर्टल पर औपबंधिक नियुक्ति पत्र से संबंधित विकल्प दिखाई देने लगा है। हालांकि शिक्षकों का कहना है कि विकल्प तो नजर आ रहा है, लेकिन संबंधित पत्र अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है। यही वजह है कि शिक्षक बार-बार अपने ई-शिक्षा कोष अकाउंट को चेक कर रहे हैं। कई शिक्षक देर रात तक पोर्टल पर लॉगिन कर यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उनका नया विद्यालय कौन सा होगा।नई पोस्टिंग को लेकर शिक्षकों में खासा उत्साह भी है और चिंता भी। किसी को अपने वर्तमान विद्यालय से दूर जाने की चिंता है तो कोई अपने घर के आसपास विद्यालय मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।

10 से 14 सितंबर के बीच जारी होगा आवंटन पत्र

विभागीय कार्यक्रम के मुताबिक 10 सितंबर से 14 सितंबर के बीच सरप्लस और पारस्परिक स्थानांतरण वाले शिक्षकों को उनके विकल्प के आधार पर विद्यालय आवंटित किए जाएंगे। ई-शिक्षा कोष पर विद्यालय आवंटन से संबंधित पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।इसके बाद शिक्षकों को आवंटित विद्यालय में योगदान देने का मौका मिलेगा। विभागीय कार्यक्रम के अनुसार 15 सितंबर से नए विद्यालय में योगदान की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।इसका सीधा असर स्कूलों की व्यवस्था पर भी देखने को मिलेगा। स्थानांतरण के बाद कई विद्यालयों में नए शिक्षक पहुंचेंगे, जबकि कुछ स्कूलों से पुराने शिक्षक दूसरी जगह चले जाएंगे।

बांका में 144 शिक्षकों के मेडिकल प्रमाण पत्र की जांच

इधर,  शिक्षकों के प्रमाण पत्र स्वास्थ्य विभाग को सत्यापन के लिए भेजे गए हैं।अधिकारियों के अनुसार मेडिकल जांच की रिपोर्ट सोमवार तक प्राप्त होने की संभावना है। रिपोर्ट मिलने के बाद ऑनलाइन प्रक्रिया को सोमवार देर रात या मंगलवार तक पूरा किए जाने की उम्मीद है। गंभीर बीमारी का हवाला देकर स्थानांतरण का आवेदन करने वाले शिक्षकों के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र की जांच महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। सत्यापन के बाद ही आगे की स्थानांतरण प्रक्रिया में इन आवेदनों पर निर्णय लिया जाएगा।

औपबंधिक पत्र के बाद आपत्ति का भी मिलेगा मौका

स्थानांतरण प्रक्रिया में औपबंधिक विद्यालय आवंटन के बाद शिक्षकों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी दिया जाएगा। यदि किसी शिक्षक को लगता है कि विद्यालय आवंटन में कोई गड़बड़ी हुई है या उनके विकल्प के अनुरूप विद्यालय नहीं मिला है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज की जा सकेगी।

इसके बाद प्राप्त आपत्तियों का समाधान किया जाएगा। आपत्तियों के निपटारे के बाद स्थानांतरण का अंतिम पत्र जारी किया जाएगा।यानी अभी शिक्षकों के लिए ई-शिक्षा कोष पर दिख रहा विकल्प अंतिम तस्वीर नहीं है। औपबंधिक आवंटन, आपत्ति और उसके समाधान के बाद अंतिम स्थानांतरण पत्र जारी होने की प्रक्रिया पूरी होगी।

मंगलवार तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद

अधिकारियों की मानें तो मेडिकल प्रमाण पत्रों की जांच की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और इसे एक-दो दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद स्थानांतरण की अगली प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है।संभावना है कि मंगलवार तक सरप्लस और पारस्परिक स्थानांतरण वाले शिक्षकों को आवंटित विद्यालय ई-शिक्षा कोष पर दिखाई देने लगेंगे। इसके बाद शिक्षकों को अपने नए विद्यालय की जानकारी मिल सकेगी।

अब शिक्षकों की नजर अगले कुछ दिनों की प्रक्रिया पर टिकी है। 10 से 14 सितंबर के बीच विद्यालय आवंटन और 15 सितंबर से नए विद्यालय में योगदान की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही लंबे समय से चल रही स्थानांतरण प्रक्रिया का एक बड़ा चरण पूरा हो जाएगा।ऐसे में आने वाले दिनों में स्कूलों में नए शिक्षकों की आमद और पुराने शिक्षकों की विदाई का सिलसिला देखने को मिल सकता है।