Lalu Yadav : IRCTC से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को फिलहाल अदालत से राहत नहीं मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय करने के मामले में अपना फैसला एक बार फिर टाल दिया है। अब इस मामले में अदालत 10 सितंबर 2026 को अपना आदेश सुनाएगी।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव समेत कई लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया है। अदालत में लंबे समय से आरोप तय करने को लेकर सुनवाई चल रही है और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा गया था।
बार-बार टल रहा है आरोप तय करने पर फैसला
IRCTC होटल टेंडर से जुड़े इस मामले में अदालत का फैसला कई बार टल चुका है। स्पेशल जज विशाल गोगने की अदालत ने मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोप तय करने के मुद्दे पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था।इसके बाद अदालत में कई तारीखें आईं, लेकिन फैसला नहीं हो सका। 13 फरवरी, 6 मई, 22 मई, 9 जून, 16 जुलाई, 31 जुलाई और 14 अगस्त को भी आदेश नहीं सुनाया गया। इसके बाद 29 अगस्त की सुनवाई में अदालत ने अगली तारीख 7 सितंबर तय की थी।
सोमवार को हुई सुनवाई के बाद भी आरोप तय करने पर फैसला नहीं आ सका। अब अदालत ने 10 सितंबर की तारीख तय की है। ऐसे में एक बार फिर लालू परिवार और मामले में आरोपी अन्य लोगों की नजर अदालत के अगले आदेश पर टिक गई है।
क्या है पूरा IRCTC होटल टेंडर मामला?
यह मामला उस दौर से जुड़ा है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र की तत्कालीन सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि IRCTC के तहत रांची और पुरी में संचालित दो होटलों के संचालन का ठेका निजी कंपनियों को देने में कथित तौर पर अनियमितताएं हुई थीं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, होटल टेंडर की प्रक्रिया में नियमों की कथित अनदेखी की गई और कुछ निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने का आरोप है। इसी कथित लेनदेन से जुड़े आर्थिक पहलुओं की जांच ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से की है।मामले में CBI ने भी कथित भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जांच की है, जबकि ED की कार्रवाई कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन और उसके लेनदेन से जुड़े पहलुओं पर केंद्रित है।
ED की चार्जशीट में परिवार के कई सदस्य
इस मामले में ED ने लालू प्रसाद यादव परिवार समेत कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं।जांच एजेंसी का आरोप है कि होटल टेंडर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और लेनदेन के जरिए निजी लाभ पहुंचाने की व्यवस्था तैयार की गई थी। हालांकि, अदालत में आरोप तय होना अभी बाकी है और आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़नी है।
मामले में 16 आरोपी और कंपनियां
IRCTC होटल टेंडर मामले में कुल 16 आरोपियों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। इनमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी प्रसाद यादव के अलावा सरला गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथमल काकरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी और देवकी नंदन तुलस्यान समेत अन्य नाम शामिल हैं।मामले में कुछ कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सुजाता होटल्स और अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं।
अब 10 सितंबर पर टिकी निगाहें
आरोप तय करने के मामले में लगातार तारीख बढ़ने के बाद अब अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। अदालत का आदेश इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है। फिलहाल लालू परिवार समेत सभी आरोपियों को अदालत के अगले आदेश का इंतजार है। 10 सितंबर को यह साफ होगा कि अदालत मामले में आरोप तय करने को लेकर क्या रुख अपनाती है और मुकदमे की अगली प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।




