Bihar Road Accident: भागलपुर बाइपास पर शनिवार की रात रफ्तार और बदहाल सड़क ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं. बाइपास थाना क्षेत्र में कुछ ही घंटों के अंतराल पर हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में चार युवकों की मौत हो गई. पहले हादसे में कजरैली रोड मोड़ के पास तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार तीन दोस्तों को टक्कर मार दी. हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. वहीं दूसरे हादसे में अलीगंज स्थित सेंट टेरेसा स्कूल के पास बारिश और सड़क पर बने गड्ढे के कारण बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई. हादसे में सीमेंट कंपनी के 23 वर्षीय गोदाम मैनेजर की मौत हो गई.
नई बाइक से घूमने निकले थे तीन दोस्त, रास्ते में हुआ हादसा
पहला हादसा शनिवार देर रात बाइपास थाना क्षेत्र के कजरैली रोड मोड़ के पास हुआ. बताया जा रहा है कि तीनों दोस्त एक नई पल्सर एन-160 बाइक से बाइपास पर घूमने निकले थे और जीरोमाइल की ओर जा रहे थे. इसी दौरान तेज रफ्तार और अनियंत्रित बस ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी.
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया. बस में सवार यात्री भी घटनास्थल से निकल गए.
हादसे में बबरगंज थाना क्षेत्र के अलीगंज गंगटी निवासी देवेंद्र यादव के 18 वर्षीय बेटे अंशु कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं अशोक पासवान के 17 वर्षीय बेटे सावन कुमार को गंभीर हालत में सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. तीसरे युवक हबीबपुर दाउदबाट निवासी प्रेम कुमार पासवान के 18 वर्षीय बेटे आशुतोष कुमार को गंभीर हालत में जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था. रविवार को इलाज के दौरान आशुतोष ने भी दम तोड़ दिया.
तीनों अपने घरों के सबसे छोटे बेटे थे
हादसे की खबर मिलते ही तीनों युवकों के परिवारों में कोहराम मच गया. परिजनों के अनुसार, तीनों दोस्त पढ़ाई कर रहे थे और अपने भविष्य को लेकर सपने देख रहे थे. अंशु तीन भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटा था और मीरजान हाईस्कूल से इंटर की पढ़ाई कर रहा था.
सावन छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था और इंटर का छात्र था. उसके पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं. वहीं आशुतोष मुस्लिम कॉलेज में स्नातक प्रथम वर्ष का छात्र था. उसके पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं.
परिजनों का कहना है कि शनिवार शाम तक तीनों बिल्कुल सामान्य थे. नई बाइक से घूमने निकले थे, लेकिन कुछ ही देर बाद उनके साथ हुए हादसे की खबर घर पहुंची. एक साथ तीन युवकों की मौत से इलाके में मातम पसरा हुआ है.
बारिश और सड़क के गड्ढे ने ली 23 वर्षीय मैनेजर की जान
दूसरा हादसा भी बाइपास थाना क्षेत्र में अलीगंज स्थित सेंट टेरेसा स्कूल के पास हुआ. इस हादसे में इशाकचक शिवपुरी कॉलोनी निवासी 23 वर्षीय रितेश कुमार की मौत हो गई. रितेश टेकानी स्थित एक सीमेंट कंपनी के गोदाम में मैनेजर के पद पर काम करते थे.
परिजनों के अनुसार, शनिवार देर रात काम खत्म करने के बाद रितेश अपने एक सहयोगी के साथ बाइक से घर लौट रहे थे. इसी दौरान तेज बारिश हो रही थी. सड़क पर बने गहरे गड्ढे के कारण बाइक अचानक अनियंत्रित होकर फिसल गई. हादसे में रितेश और उनका सहयोगी गंभीर रूप से घायल हो गए.
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को इलाज के लिए जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया. यहां इलाज के दौरान रितेश की मौत हो गई. रितेश दो भाइयों में बड़े थे. उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई.
एक ही रात में चार युवकों की मौत के बाद भागलपुर बाइपास की सड़क और यहां होने वाले हादसों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. एक तरफ तेज रफ्तार वाहन हादसे का कारण बना, तो दूसरी ओर बारिश के दौरान सड़क पर बने गड्ढे ने एक युवक की जान ले ली.
मृतकों के परिजनों ने हादसों के बाद बेहतर सड़क व्यवस्था और समय पर आपातकालीन इलाज की जरूरत की बात कही है. दो मृतकों के परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अगर समय पर बेहतर ट्रॉमा सुविधा उपलब्ध होती तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी.
रविवार को पुलिस ने चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए.





