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बिहार में बिजली दरों में बड़ा बदलाव: 1 अप्रैल से लागू होगा टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ, दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली

बिहार में 1 अप्रैल से स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले 87 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के साथ पुराने मीटर का उपयोग कर रहे लोगों पर टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ लागू होगा, जिसके तहत दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली मिलेगी।

बिहार में बिजली दरों में बड़ा बदलाव: 1 अप्रैल से लागू होगा टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ, दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली
Tejpratap
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3 मिनट

PATNA : बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। राज्य में स्मार्ट प्रीपेड मीटर का उपयोग कर रहे 87 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के साथ साथ पुराने मीटर वाले लाखों कंज्यूमर को 1 अप्रैल से नए रेट से बिजली मिलेगी। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली कंपनियों के प्रस्ताव पर ‘टाइम ऑफ डे’ (TOD) टैरिफ को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत दिन के अलग-अलग समय पर बिजली की दरें अलग-अलग होंगी।


क्या है नया नियम

नई व्यवस्था के अनुसार, अब बिजली की कीमत इस बात पर निर्भर करेगी कि उपभोक्ता किस समय बिजली का उपयोग कर रहे हैं। इसका उद्देश्य बिजली की डिमांड को संतुलित करना और उपभोक्ताओं को कम दबाव वाले समय में बिजली उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना है।


अलग-अलग समय के अनुसार दरें

रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक:  इस अवधि में उपभोक्ताओं को सामान्य दर पर ही बिजली मिलेगी। यानी जितनी खपत होगी, उतना ही भुगतान करना होगा। वहीं  सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली सस्ती होगी। उपभोक्ताओं को कुल बिल का केवल 80 प्रतिशत ही देना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि 100 रुपये की बिजली खपत होती है, तो केवल 80 रुपये ही देने होंगे। शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक पीक आवर माना जाएगा, जब बिजली महंगी होगी। इस दौरान 100 रुपये की खपत पर 120 रुपये तक भुगतान करना पड़ सकता है।


घरेलू उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत

आयोग ने घरेलू उपभोक्ताओं को कुछ राहत दी है। उनके लिए पीक आवर में 120 प्रतिशत के बजाय 110 प्रतिशत शुल्क ही लिया जाएगा। वहीं व्यावसायिक, छोटे और बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं से 120 प्रतिशत दर वसूली जाएगी।


किन पर लागू होगा नियम

अब तक यह व्यवस्था केवल औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं तक सीमित थी, लेकिन अब इसे सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर लागू किया जाएगा। साथ ही, जिन उपभोक्ताओं के पास स्मार्ट मीटर नहीं है लेकिन उनका बिजली लोड 10 किलोवाट से अधिक है, वे भी इस नई दर प्रणाली के दायरे में आएंगे।


किसानों को भी राहत

बिजली कंपनी ने सभी श्रेणियों के लिए यह प्रस्ताव दिया था, लेकिन आयोग ने कृषि कनेक्शन को इससे बाहर रखा है। यानी किसानों पर इस नई व्यवस्था का असर नहीं पड़ेगा।


क्या होगा असर

इस बदलाव के बाद उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपयोग का समय बदलने की जरूरत पड़ सकती है। दिन के समय बिजली का उपयोग सस्ता होगा, जबकि शाम के पीक आवर में बिजली के लिया ज्यादा पैसा चुकाना होगा।  इससे लोगों को बिजली की बचत और बेहतर प्रबंधन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।