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BIHAR NEWS : राजस्व अधिकारियों को अल्टीमेटम, आज काम पर नहीं लौटे तो जाएगी नौकरी; सरकार बोली- अब नहीं चलेगी हड़ताल

बिहार सरकार ने हड़ताली राजस्व अधिकारियों को 25 मार्च शाम 5 बजे तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया। नहीं लौटने पर होगी सख्त कार्रवाई।

BIHAR NEWS : राजस्व अधिकारियों को अल्टीमेटम, आज काम पर नहीं लौटे तो जाएगी नौकरी; सरकार बोली- अब नहीं चलेगी हड़ताल
Tejpratap
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4 मिनट

BIHAR NEWS : बिहार में अपनी मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर गए राजस्व अधिकारियों के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 25 मार्च की शाम 5 बजे तक सभी अधिकारी हर हाल में अपने कर्तव्य पर लौटें, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने इस हड़ताल को अवैध करार देते हुए इसे जनहित के खिलाफ बताया है।


सरकार का कहना है कि राजस्व अधिकारियों का सामूहिक अवकाश प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है और इससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। विभाग ने साफ किया है कि नियमों के विरुद्ध जाकर किया गया यह विरोध प्रदर्शन अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।


कार्रवाई का पूरा प्लान तैयार

राज्य सरकार ने केवल चेतावनी देकर ही नहीं छोड़ा है, बल्कि कार्रवाई का पूरा खाका भी तैयार कर लिया है। विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज द्वारा जारी पत्र के अनुसार, जो अधिकारी निर्धारित समयसीमा के बाद भी अनुपस्थित रहेंगे, उनके खिलाफ ‘सेवा टूट’ (ब्रेक इन सर्विस) की कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा वेतन कटौती, विभागीय जांच और अन्य दंडात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस तरह की हड़ताल न केवल प्रशासनिक कार्यों को बाधित करती है, बल्कि जनता के अधिकारों का भी हनन करती है। इसलिए इस मुद्दे पर कोई ढील नहीं बरती जाएगी।


9 मार्च से जारी है विरोध

राजस्व सेवा के अधिकारी 9 मार्च से सामूहिक अवकाश पर हैं। वे अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने इस कदम को अनुशासनहीनता बताते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इस तरह का सामूहिक अवकाश प्रशासन को चुनौती देने जैसा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


जनहित को बताया सर्वोपरि

सरकार ने इस पूरे मामले को जनहित से जोड़ते हुए कहा है कि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) जैसे जरूरी कार्य किसी भी हाल में बाधित नहीं होने दिए जाएंगे। सरकार का दावा है कि हड़ताल के बावजूद कामकाज पूरी तरह ठप नहीं हुआ है और अब तक 12 हजार से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है।


सरकार के अनुसार, लगभग 50 प्रतिशत से अधिक अधिकारी अभी भी अपने काम पर डटे हुए हैं, जिससे राजस्व से जुड़े कार्य जारी हैं। हड़ताल के दौरान ही 12,163 दाखिल-खारिज मामलों का निष्पादन किया जाना इस बात का प्रमाण है कि व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित नहीं हुई है।


सरकारी कार्यक्रमों पर फोकस

सरकार की सख्ती के पीछे आगामी महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी एक बड़ी वजह हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ और ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ जैसे कार्यक्रम जल्द आयोजित होने वाले हैं। इन कार्यक्रमों की सफलता के लिए राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति बेहद जरूरी मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के जरिए आम लोगों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य है, ऐसे में अधिकारियों की अनुपस्थिति से कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है।


अब सबकी नजरें डेडलाइन पर

सरकार के इस कड़े रुख के बाद अब सभी की नजरें 25 मार्च की शाम 5 बजे की डेडलाइन पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि कितने अधिकारी सरकार के अल्टीमेटम के बाद काम पर लौटते हैं और कितनों के खिलाफ कार्रवाई होती है। स्पष्ट है कि सरकार इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है और जनहित को प्राथमिकता देते हुए कड़े फैसले लेने के लिए तैयार है।