1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 25, 2026, 1:39:49 PM
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Bihar Pension Update: बिहार सरकार ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने के लिए एक नया नियम लागू किया है। इस नियम के तहत अब विभागों को पेंशन फॉर्म के साथ एक चेकलिस्ट महालेखाकार (एजी) कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा। यह कदम अधूरे या गलत भरे हुए फॉर्म के कारण पेंशन में होने वाली देरी को समाप्त करने के लिए उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, पहले महालेखाकार कार्यालय को अक्सर अधूरे या गलत भरे हुए पेंशन फॉर्म मिलते थे। मजबूरी में इन्हें वापस भेजा जाता था, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनका हक समय पर नहीं मिल पाता था। कर्मचारियों और उनके परिवारों को इस देरी से परेशानी होती थी। सरकार ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए इस नए नियम को लागू किया है।
नए नियम के तहत, प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि पेंशन फॉर्म पूरी तरह सही और पूरी जानकारी के साथ भरा गया हो। साथ ही, एक जांच सूची (चेकलिस्ट) भरकर पेंशन फॉर्म के साथ महालेखाकार कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा। यह चेकलिस्ट यह सुनिश्चित करेगी कि कोई जरूरी दस्तावेज या जानकारी छूट न जाए, जिससे पेंशन प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा न आए।
सरकार ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, प्रमंडलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी और कोषागार अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों को इस नए नियम का पालन करने के लिए सख्ती से निर्देश दें। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिहार सचिवालय सेवा नियमावली, 2010 के अनुसार जिस विभाग में कर्मचारी कार्यरत था, वही विभाग उसके रिटायरमेंट से जुड़े सभी लाभों के लिए जिम्मेदार होगा।
लोगों का मानना है कि इस नए नियम से पेंशन वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्वरित बनेगी। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अब उनके रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन समय पर मिलेगी, जिससे उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक रूप से सुविधा और सुरक्षा मिलेगी।
सरकार का यह कदम उन पहलों में शामिल है, जो बिहार में सरकारी कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मचारियों के हित में प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने के लिए उठाए जा रहे हैं। इससे न केवल कर्मचारियों की संतुष्टि बढ़ेगी, बल्कि विभागीय कामकाज भी अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनेगा।
पेंशन प्रक्रिया में सुधार के लिए यह नया नियम खासकर उन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद होगा, जिनकी पेंशन फॉर्मिंग प्रक्रिया में पहले लंबा समय लगता था। अब विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी दस्तावेज पूरी तरह जांच कर भेजे जाएँ। इससे न केवल पेंशन में देरी खत्म होगी, बल्कि कर्मचारियों को उनके अन्य सेवानिवृत्ति लाभ भी समय पर मिल सकेंगे।