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Bihar News: बिहार में यहां 82KM ग्रीनफील्ड हाइवे का निर्माण, खर्च होंगे ₹2200 करोड़

Bihar News: मोकामा से मुंगेर तक 82.4 किमी लंबा ग्रीनफील्ड फोरलेन हाइवे 2243.16 करोड़ रुपये की लागत से 29 महीने में बनेगा। एनएचएआई की इस परियोजना से बिहार में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और पटना से मिर्जाचौकी तक सीधी फोरलेन सुविधा मिलेगी।

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार के मोकामा से मुंगेर तक 82.4 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड फोरलेन हाइवे (एनएच-33) बनाने की योजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए निविदा जारी कर दी है, जिसकी अनुमानित लागत 2243.16 करोड़ रुपये है। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया है कि निर्माण कार्य 29 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है और टेंडर प्रक्रिया 10 सितंबर 2025 तक समाप्त होगी। दो महीने के भीतर निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। यह हाइवे बक्सर से मिर्जाचौकी तक फोरलेन सड़क के माध्यम से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे बिहार के सुदूर क्षेत्रों का संपर्क राज्य की राजधानी पटना से और भी मजबूत होगा।


इस हाइवे का एक हिस्सा लगभग 14 किलोमीटर का करजरा-मुंगेर खंड रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे का भी हिस्सा होगा। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और इसे हरितक्षेत्र मार्गरेखन के आधार पर तैयार किया जा रहा है। इस सड़क के बनने से न केवल मोकामा और मुंगेर के बीच यात्रा समय कम होगा बल्कि बिहार के अन्य जिलों लखीसराय, बेगूसराय, भागलपुर, जमुई, शेखपुरा, पूर्णिया, खगड़िया और यहां तक कि असम के गुवाहाटी और पड़ोसी देश भूटान तक की यात्रा आसान हो जाएगी।


पटना से बख्तियारपुर होते हुए मोकामा तक ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क पहले ही बन चुकी है और मुंगेर से मिर्जाचौकी तक का निर्माण कार्य प्रगति पर है। मोकामा-मुंगेर हाइवे के पूरा होने के बाद पटना से मिर्जाचौकी तक सीधी फोरलेन कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, जिससे यात्रियों को तेज और सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत बनाया जा रहा है, जिसमें ठेकेदार निर्माण के बाद 15 साल तक सड़क की देखरेख करेगा। यह मॉडल न केवल गुणवत्ता सुनिश्चित करता है बल्कि लंबे समय तक सड़क की स्थिति को बनाए रखने में भी मदद करता है। इस हाइवे के निर्माण से बिहार के सुदूर क्षेत्रों के लोग चार घंटे के भीतर राजधानी पटना पहुंच सकेंगे। राज्य सरकार ने एनएचएआई को इस परियोजना में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।