1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 11, 2025, 10:02:40 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार में बीएड कॉलेजों पर नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन की सख्ती बढ़ गई है। एक दर्जन से अधिक बीएड कॉलेजों को एनसीटीई ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है और कुछ पर दाखिले पर रोक लगाने की तैयारी है। इन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी, अपर्याप्त बुनियादी ढांचा और फिक्स्ड डिपॉजिट की राशि जमा न करने जैसी कमियां पाई गई हैं। नोटिस प्राप्त कॉलेजों में मौलाना मजहरुल हक अरबी फारसी विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा से संबद्ध कई संस्थान शामिल हैं।
नोटिस प्राप्त प्रमुख कॉलेजों की सूची में शामिल हैं: एसएम जाहिर आलम टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, दरभंगा, चन्द्रगुप्त मौर्या कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बिहटा, पटना, कांति देवी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, पटना, आर्यभट्ट टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, दुल्हिन बाजार, पटना, बैद्यनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन, नवादा, राजमुनी देवी बीएड कॉलेज, औरंगाबाद, साईं बीएड और डीएलएड कॉलेज, रोहतास और *प्रह्राद राय टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, बक्सर। इसके अलावा बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के कई कॉलेजों को पूर्णिया विश्वविद्यालय में स्थानांतरित करने की अनुमति दी गई है और कुछ से एफडी राशि जमा करने को कहा गया है।
एनसीटीई की अधिसूचना के अनुसार यदि ये कॉलेज निर्धारित समय में कमियों को दूर नहीं करते और आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करते तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई हो सकती है, जिसमें दाखिले पर पूर्ण प्रतिबंध भी शामिल है। बिहार में वर्तमान में 339 बीएड कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया चल रही है और पहले राउंड के लिए 37,150 सीटों में से 36,000 से अधिक के लिए मेधा सूची जारी हो चुकी है। यह प्रक्रिया 15 जुलाई तक चलेगी।
ज्ञात हो कि मौलाना मजहरुल हक विश्वविद्यालय से संबद्ध आधा दर्जन कॉलेजों पर विशेष नजर है, क्योंकि इनमें शिक्षकों की कमी और बुनियादी ढांचे की कमियां प्रमुख रूप से सामने आई हैं। मगध विश्वविद्यालय और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुछ कॉलेजों को भी समान कारणों से नोटिस मिला है। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे दाखिला लेने से पहले कॉलेज की मान्यता और एनसीटीई की स्थिति की जांच अवश्य कर लें।