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Bihar Education: CBSE का बड़ा बदलाव, अब स्कूलों की मान्यता के लिए नहीं होगी इस चीज की जरुरत

Bihar Education: सीबीएसई ने स्कूल मान्यता नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब बिना NOC के भी स्कूल सीधे आवेदन कर सकते हैं। बिहार में सत्र 2026-27 से लागू होंगे नियम।

Bihar Education
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar Education: केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों को मान्यता देने के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किया है, जो बिहार सहित देशभर के निजी स्कूल संचालकों के लिए राहत की खबर लेकर आया है। नए नियमों के तहत, स्कूलों को अब राज्य शिक्षा विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। इसके बजाय, स्कूल सीधे सीबीएसई के सरस पोर्टल पर मान्यता के लिए आवेदन कर सकते हैं।


यदि राज्य शिक्षा विभाग निर्धारित समय में कोई प्रतिक्रिया नहीं देता, तो यह माना जाएगा कि उसे स्कूल की मान्यता पर कोई आपत्ति नहीं है। यह नया नियम सत्र 2026-27 से लागू होगा। सीबीएसई ने अपनी मान्यता उपविधि में संशोधन किया है, जिसके तहत स्कूलों को अब राज्य शिक्षा विभाग से NOC लेने की बाध्यता नहीं होगी।


पहले, स्कूलों को मान्यता के लिए आवेदन करने से पहले राज्य सरकार से NOC प्राप्त करना अनिवार्य था। लेकिन अब, स्कूल सीधे सीबीएसई के पास आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड इस आवेदन की जानकारी संबंधित राज्य शिक्षा विभाग को भेजेगा और 30 दिनों के भीतर उसकी प्रतिक्रिया मांगेगा। यदि इस अवधि में कोई जवाब नहीं मिलता, तो बोर्ड एक रिमाइंडर पत्र भेजेगा, जिसमें 15 दिन और दिए जाएंगे। इसके बाद भी प्रतिक्रिया न मिलने पर यह माना जाएगा कि राज्य सरकार को स्कूल की मान्यता पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद, यदि स्कूल अन्य मानकों को पूरा करता है, तो उसे मान्यता दे दी जाएगी।


बिहार में निजी स्कूलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और कई स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। लेकिन NOC की प्रक्रिया में देरी और प्रशासनिक जटिलताओं ने स्कूल संचालकों के लिए मुश्किलें खड़ी की थीं। पटना के एक स्कूल संचालक के अनुसार "NOC के लिए महीनों इंतज़ार करना पड़ता था। कई बार कागजी कार्रवाई और स्थानीय अधिकारियों की मंजूरी में देरी से स्कूलों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित होता था। यह नया नियम हमारे लिए गेम-चेंजर साबित होगा।"


हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि इस बदलाव से मानकों को पूरा न करने वाले स्कूलों को भी मान्यता मिल सकती है। बिहार शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "यदि विभाग समय पर प्रतिक्रिया नहीं दे पाता, तो ऐसे स्कूलों को भी मान्यता मिल सकती है, जिनके पास पर्याप्त बुनियादी ढांचा या शिक्षक नहीं हैं।"