Bihar Assembly : वह प्रॉक्सी मंत्री हैं क्या ? विजय सिन्हा की जगह जीवेश मिश्रा देने लगे जवाब, BJP विधायक ने ही उठा दिया सवाल; पढ़िए फिर क्या हुआ

बिहार विधानसभा में मोतिहारी और बिहार शरीफ में कचरा प्रबंधन पर बहस तेज। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कंपनी चयन की बात कही, भाजपा विधायकों ने उठाए सवाल।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 19 Feb 2026 11:34:42 AM IST

Bihar Assembly :  वह प्रॉक्सी मंत्री हैं क्या ? विजय सिन्हा की जगह जीवेश मिश्रा देने लगे जवाब, BJP विधायक ने ही उठा दिया सवाल; पढ़िए फिर क्या हुआ

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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में नगर निगम क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को लेकर गुरुवार को जमकर बहस हुई। खासकर मोतिहारी समेत कई शहरों में कचरे के निस्तारण की स्थिति पर सवाल उठाए गए। भाजपा विधायक प्रमोद कुमार ने मोतिहारी में कचरा प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब तलब किया और कहा कि शहर में कई स्थानों पर कचरे का ढेर लगा हुआ है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है।


इस पर उपमुख्यमंत्री और विभागीय विजय कुमार सिन्हा  ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार नगर निगम क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि अधिकांश शहरों में कचरे का नियमित निस्तारण किया जा रहा है और जहां भी समस्या है, वहां उसे दूर करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि शेष बचे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए संबंधित कंपनियों का चयन कर लिया गया है और चरणबद्ध तरीके से कार्य कराया जाएगा।


बहस के दौरान भाजपा विधायक और पूर्व नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि देश में कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में पटना मॉडल एक उदाहरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि पटना में कचरे के निष्पादन के साथ-साथ उससे खाद और गैस बनाने की दिशा में भी काम हो रहा है। यह एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का हिस्सा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिल रहा है।


हालांकि, इसी मुद्दे पर सदन में हल्का विवाद भी देखने को मिला। भाजपा विधायक सुनील कुमार ने जीवेश मिश्रा के बयान पर टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया कि क्या वह इस विषय पर सरकार की ओर से जवाब दे रहे हैं? उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि क्या जीवेश मिश्रा ‘प्रोक्सी मंत्री’ की भूमिका निभा रहे हैं। इस टिप्पणी के बाद सदन में कुछ देर के लिए हलचल की स्थिति बन गई।


डॉ. सुनील कुमार ने अपने निर्वाचन क्षेत्र बिहारशरीफ की स्थिति का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि कई वार्डों में न तो नियमित कचरा उठाव हो रहा है और न ही उसका समुचित निस्तारण किया जा रहा है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, जिससे दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से तत्काल प्रभाव से ठोस कार्रवाई करने की मांग की।


सदन में उठे इन सवालों के बीच उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य के सभी नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि जहां भी कचरा संबंधित समस्या की शिकायत मिलेगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।


कचरा प्रबंधन को लेकर हुई इस बहस ने यह स्पष्ट कर दिया कि शहरी स्वच्छता और अपशिष्ट निस्तारण राज्य की राजनीति में एक अहम मुद्दा बनता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार अपने दावों को जमीन पर कितनी तेजी से लागू कर पाती है।