Bihar News: अपराध नियंत्रण और लोगों को त्वरित न्याय दिलाने को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आने वाले समय में बिहार में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की जाएगी। राज्य सरकार का मानना है कि 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना से राज्य में न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और अपराध पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसको लेकर एलान किया है। सीएम ने एक्स पर लिखा, "अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और त्वरित न्याय की दिशा में बड़ा कदम। अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण एवं नियंत्रण के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की कार्रवाई की जाएगी।"
बिहार सरकार का मानना है कि राज्य में नए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन से बड़ी संख्या में लंबित पड़े मामलों की तेजी से सुनवाई हो सकेगी और पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी नहीं होगी। लंबित केसों का समयबद्ध तरीके से निबटारा संभव हो सकेगा। जल्दी न्याय मिलने से लोगों का न्यायिक व्यवस्था में भरोसा बढ़ेगा।
बता दें कि फास्ट ट्रैक कोर्ट वह विशेष अदालतें होती हैं जिन्हें लंबित मुकदमों का तेजी से निपटारा करने के लिए स्थापित किया जाता है। इनका मुख्य उद्देश्य गंभीर अपराधों और लंबे समय से अटके मामलों में पीड़ितों को बिना किसी देरी के शीघ्र न्याय दिलाना है। नियमित अदालतों पर बढ़ते बोझ को कम करने और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की अवधारणा शुरू की गई थी।




