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संजय जायसवाल पर आरोप लगाकर फंसे प्रशांत किशोर? मानहानि के केस में कोर्ट में दाखिल किया जवाब

सांसद डॉ. संजय जायसवाल की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में प्रशांत किशोर ने कोर्ट में लिखित जवाब दाखिल किया है। प्रशांत किशोर ने मुकदमे को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित और बेबुनियाद बताते हुए इसे खारिज करने की मांग की है।

Bihar Politics
प्रशांत किशोर ने कोर्ट में दाखिल किया जवाब
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Mukesh Srivastava
5 मिनट

BETTIAH: पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर की ओर से न्यायालय में अपना पक्ष रखा गया है। प्रशांत किशोर की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) के न्यायालय में लिखित जवाब दाखिल किया है।



हालांकि, जवाब दाखिल किए जाने के दौरान प्रशांत किशोर स्वयं न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से अधिवक्ताओं ने न्यायालय में जवाब पेश किया। बता दें कि पिछले साल प्रशांत किशोर ने संजय जाससवाल को ‘टुटपुंजिया नेता’ कहा था। इसके अलावा उन पर पेट्रोल पंप के कथित बचाव के लिए छावनी फ्लाईओवर का एलाइनमेंट बदलवाने और पेट्रोल चोरी जैसे आरोप लगाये थे. 



बीएनएस की धारा 223 के तहत मांगा गया था जवाब

इस मामले में संजय जायसवाल ने मानहानि का केस किया था. बेतिया के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान प्रशांत किशोर को अभियुक्त के रूप में अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया था। यह नोटिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत जारी किया गया था। इसी नोटिस के बाद प्रशांत किशोर की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने लिखित जवाब न्यायालय में दाखिल किया।



मानहानि का मुकदमा बताया राजनीति से प्रेरित

प्रशांत किशोर की ओर से दाखिल जवाब में सांसद डॉ. संजय जायसवाल की ओर से दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे को बेबुनियाद बताया गया है। उनके अधिवक्ताओं के अनुसार, प्रशांत किशोर ने अपने जवाब में कहा है कि उनके खिलाफ दर्ज कराया गया मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। जवाब में पूरे मामले को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए न्यायालय से इस केस को खारिज करने का अनुरोध किया गया है।




प्रशांत किशोर की ओर से अदालत में दिए गए जवाब का मुख्य आधार यही है कि सांसद की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर चलाया जा रहा आपराधिक मानहानि का मुकदमा उचित आधार पर कायम नहीं है और इसे राजनीतिक कारणों से आगे बढ़ाया जा रहा है।




सांसद के अधिवक्ताओं ने जवाब का किया विरोध

वहीं, सांसद डॉ. संजय जायसवाल की ओर से उनके अधिवक्ताओं अमरेंद्र कुमार वर्मा और चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा ने प्रशांत किशोर की ओर से दाखिल जवाब का विरोध किया। सांसद के अधिवक्ताओं ने प्रशांत किशोर के जवाब को तर्कसंगत नहीं और बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि उन्हें न्यायालय की प्रक्रिया और न्याय पर पूरा भरोसा है।



इस तरह मामले में अब दोनों पक्षों की ओर से अदालत के सामने अपना-अपना पक्ष रखा जा चुका है। एक तरफ प्रशांत किशोर ने मुकदमे को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए खारिज करने की मांग की है, वहीं सांसद के अधिवक्ताओं ने उनके बचाव में दिए गए तर्कों को स्वीकार करने से इनकार किया है।




15 अक्टूबर 2026 को होगी अगली सुनवाई

मामले में दोनों पक्षों की दलीलें और लिखित जवाब सामने आने के बाद न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। अब अगली सुनवाई में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि न्यायालय दोनों पक्षों के तर्कों और मामले से जुड़े दस्तावेजों पर किस तरह विचार करता है।




क्या है पूरा मामला?

यह आपराधिक मानहानि का मामला सांसद डॉ. संजय जायसवाल की ओर से दायर किया गया है। आरोप है कि प्रशांत किशोर ने बेतिया आगमन के दौरान सांसद के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।



शिकायत के अनुसार, प्रशांत किशोर ने सांसद डॉ. संजय जायसवाल को कथित तौर पर ‘टुटपुंजिया नेता’ कहा था। इसके अलावा उन पर पेट्रोल पंप के कथित बचाव के लिए छावनी फ्लाईओवर का एलाइनमेंट बदलवाने और पेट्रोल चोरी जैसे आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है। सांसद की ओर से इन्हीं कथित टिप्पणियों को आधार बनाते हुए आपराधिक मानहानि की शिकायत न्यायालय में दायर की गई थी।



अब कोर्ट के रुख पर टिकी नजर

मामले में प्रशांत किशोर की ओर से अपना लिखित जवाब दाखिल किए जाने के बाद अब न्यायालय की अगली कार्रवाई पर दोनों पक्षों की नजर है। प्रशांत किशोर पक्ष ने जहां पूरे मुकदमे को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित और बेबुनियाद बताया है, वहीं सांसद पक्ष ने उनके जवाब को तर्कसंगत नहीं माना है।15 अक्टूबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता