Bihar News: गंडक नदी में समाए चार जीवन, घड़ियाल के खौफ से रुक गया बचाव अभियान

Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में धनहा-सेमरबारी के बीच गंडक नदी में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें नहाने के दौरान चार किशोर डूब गए.

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 12, 2025, 9:46:54 AM

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बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में धनहा-सेमरबारी के बीच गंडक नदी में बुधवार की दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें नहाने के दौरान चार किशोर डूब गए। ये सभी युवक खलवापट्टी गांव के निवासी थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराह्न करीब तीन बजे गांव के 20–25 युवक ट्रैक्टर ट्रॉली से नदी किनारे पहुंचे थे। वे गर्मी से राहत पाने और ट्रॉली पर लाए गए टेंट के सामान को धोने के लिए नदी में उतरे थे। इसी दौरान चार युवक नहाते समय गहरे पानी में चले गए और डूब गए। अन्य युवकों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।


डूबे हुए युवकों की पहचान मेहताब आलम (16 वर्ष, पिता शफीक अहमद), आस मोहम्मद गद्दी (22 वर्ष, पिता झेंगट गद्दी), दिलशाद अंसारी (16 वर्ष, पिता हसमुल्ला अंसारी) और जुमाद्दीन गद्दी (17 वर्ष, पिता इसलाम गद्दी) के रूप में हुई है। हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया है। परिजनों के रोने-बिलखने से नदी किनारा मातम में बदल गया है और घटनास्थल पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।


सूचना मिलते ही धनहा व भितहा थानों की पुलिस, साथ ही मधुबनी व भितहा के अंचलाधिकारी मौके पर पहुंच गए। बचाव कार्य के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है, लेकिन गंडक नदी में घड़ियाल की संभावित मौजूदगी के कारण वे पानी के अंदर जाने से डर रहे हैं। इस वजह से राहत एवं तलाशी अभियान बाधित हो रहा है।


प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को तत्काल सूचना दी है। मधुबनी के अंचलाधिकारी नंदलाल राम ने बताया कि एनडीआरएफ टीम को बुलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और उनके आने के बाद तलाशी अभियान को गति दी जाएगी। वहीं, धनहा थानाध्यक्ष धर्मवीर भारती ने भी पुष्टि की है कि नदी में घड़ियाल होने की सूचना से गोताखोर डरे हुए हैं और इसी कारण अभियान में परेशानी आ रही है।


स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गंडक नदी में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में नदी किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे टाले जा सकें। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नदी के किनारे किसी प्रकार की चेतावनी या सुरक्षा बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। सभी की निगाहें अब एनडीआरएफ की टीम पर टिकी हैं, जिससे चारों युवकों की तलाश जल्द पूरी हो सके।