Vande Bharat Express: बिहार के इस जिले में वंदे भारत एक्सप्रेस पर फिर पथराव, 4 गिरफ्तार

Vande Bharat Express: बिहार में फिर से एक बार वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया गया है, 5 दिनों में तीसरी घटना। C-4 और C-5 कोच के शीशे क्षतिग्रस्त, RPF ने 4 बदमाशों को किया गिरफ्तार।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 21, 2025, 1:01:18 PM

Vande Bharat Express

वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव - फ़ोटो Google

Vande Bharat Express: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में गोरखपुर-पाटलिपुत्र वंदे भारत एक्सप्रेस पर फिर से पथराव की गई है। रविवार की रात चनपटिया स्टेशन के अप होम सिग्नल के पास ट्रेन नंबर 26501 पर पथराव हुआ है। यह 5 दिनों में इस रूट पर तीसरी ऐसी घटना है। इस हमले में C-5 कोच का अगला दरवाजा और C-4 कोच की सीट नंबर 30, 31, 32 के सामने का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया है। सौभाग्य से यात्रियों को कोई चोट नहीं आई है लेकिन रेलवे प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।


रेलवे सुरक्षा बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों ऋतिक कुमार (21), हरीश कुमार (20), गोलू कुमार उर्फ अमित कुमार (18) और भोज पटेल (35) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी चनपटिया के राइस मिल, बनकट वार्ड 11 के निवासी हैं। FIR के अनुसार ये लोग रेलवे ट्रैक के पास पोल पर पत्थर से निशान लगा रहे थे, तभी वंदे भारत एक्सप्रेस गुजरी और पत्थर ट्रेन के शीशों से टकरा गए। जिसके बाद RPF ने स्थानीय गवाहों के बयानों के आधार पर इनकी पहचान की और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


बिहार में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की सिलसिलेवार घटनाओं का अब यह भी एक हिस्सा बन गया है। इससे पहले 18 जुलाई को बगहा में औसानी हॉल्ट के पास चार किशोरों ने पथराव किया था, जिनमें से एक सुदर्शन नामक युवक को हिरासत में लिया गया था। जबकि 14 जुलाई को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में C-6 कोच का शीशा टूटा था। जिसमें दो किशोरों को किशोर न्यायालय में पेश किया गया था।


बिहार में 2023 से अब तक वंदे भारत ट्रेनों पर 15 से अधिक पथराव की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें ज्यादातर मामलों में नाबालिग या स्थानीय असामाजिक तत्व शामिल रहे हैं। RPF और स्थानीय पुलिस ने पथराव रोकने के लिए CCTV निगरानी, ड्रोन सर्वे और सादी वर्दी में गश्त बढ़ाई है। भारतीय रेलवे के दिशानिर्देशों के अनुसार पथराव करने वालों पर 5 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।


ज्ञात हो कि पश्चिम चंपारण के सांसद सुनील कुमार ने बगहा में वंदे भारत के स्टॉपेज की उपलब्धि को स्थानीय लोगों के लिए गर्व का विषय बताया था, लेकिन लगातार इस प्रकार पथराव की घटनाएं इस सेवा की छवि को धूमिल कर रही हैं। बगहा में ट्रेन की कम बुकिंग और खाली सीटों की समस्या पहले से ही रेलवे के लिए चुनौती बनी हुई है।