Bihar education news : बिहार स्कूल में डकार मारने पर छात्रों को जमीन पर पटककर पीटा, दो टीचरों पर सख्त कार्रवाई का आदेश

पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय ओझवलिया में कक्षा-9 के दो छात्रों के साथ कथित शारीरिक हिंसा की घटना ने शिक्षा विभाग को सक्रिय कर दिया है। शिकायत मिलने के बाद डीपीओ समग्र शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा-साक्षरता गार्गी कुमा

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 05 Jan 2026 09:11:10 AM IST

Bihar education news : बिहार स्कूल में डकार मारने पर छात्रों को जमीन पर पटककर पीटा, दो टीचरों पर सख्त कार्रवाई का आदेश

- फ़ोटो

Bihar education news : पश्चिम  चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय ओझवलिया में कक्षा-9 के दो छात्रों को जमीन पर पटककर पीटने की घटना ने शिक्षा जगत और आम लोगों में चिंता पैदा कर दी है। यह घटना 6 दिसंबर की बताई जा रही है, जिसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीपीओ) समग्र शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा-साक्षरता गार्गी कुमारी ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपित शिक्षकों को तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।


घटना की जानकारी मो. सैयद हुसैन, निवासी पटखौली परती टोला, बैरिया ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को शिकायत के माध्यम से दी थी। शिकायत में बताया गया कि कक्षा-9 के दौरान छात्रों ने डकारपश्चिम  ली थी, जिसके बाद शिक्षक सुनील कुमार पाल और संदीप कुमार राय ने छात्रों को खींचकर कक्षा से बाहर निकाला और टाइल्स लगी जमीन पर पटक दिया। इसके बाद छात्रों की बेरहमी से पिटाई की गई।


छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्होंने बार-बार विरोध किया और मारपीट रोकने का अनुरोध किया, लेकिन शिक्षक अपनी आचरणहीनता से बाज नहीं आए। यहां तक कि प्रधानाध्यापक से छात्रों को विद्यालय से निकालने की पैरवी की गई, जिससे छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए।


इस दौरान विद्यालय के अन्य शिक्षक भी मौजूद थे, लेकिन कथित आरोपित शिक्षकों की दबंगई के कारण वे मूकदर्शक बने रहे। छात्रों को बचाने की हिम्मत किसी में नहीं हुई। इस मामले ने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण और छात्र हित पर गंभीर असर डाला है।


डीपीओ गार्गी कुमारी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यह अध्यापक आचरण संहिता का उल्लंघन, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के नियमों का उल्लंघन और छात्र हित के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे कृत्यों से न केवल छात्र की मानसिक और शारीरिक सुरक्षा खतरे में आती है, बल्कि विद्यालय की शैक्षणिक छवि को भी धूमिल किया जाता है।


आरोपित शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे शिकायत में उल्लेखित सभी बिंदुओं पर साक्ष्य सहित अपनी मंतव्य रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करें। डीपीओ ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई अनुशासनात्मक से लेकर कानूनी दायरे तक हो सकती है।