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नरकटियागंज: जमीन विवाद में हिंसक झड़प, महिलाओं-बच्चों पर हमला, चीनी मिल कर्मियों पर गंभीर आरोप

नरकटियागंज के कटघरवा गांव में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। चीनी मिल कर्मियों और ग्रामीणों के बीच झड़प में महिलाएं और बच्चे घायल हो गये वही छह से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

BIHAR
नहीं थम रहा जमीन विवाद का मामला
© REPOTER
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

WEST CHAMPARAN: पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज प्रखंड के कटघरवा गांव में जमीन को लेकर जमकर बवाल मचा। जहां भूमि विवाद को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय चीनी मिल के कर्मियों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। यह विवाद उस समय हिंसक हो उठा जब दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते पूरा इलाका रणभूमि में तब्दील हो गया।


महिलाओं और बच्चों पर भी किया गया हमला

ग्रामीणों का आरोप है कि नरकटियागंज स्थित चीनी मिल से जुड़े सैकड़ों सिपाही और लठैत जबरन विवादित जमीन पर कब्जा करने पहुंचे थे। ग्रामीणों के विरोध करने पर चीनी मिल कर्मियों ने महिलाओं और बच्चों तक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। इस झड़प में दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले, लाठी-डंडे भी चले और पूरे इलाके में तनाव फैल गया।


आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल, अस्पताल में भर्ती

इस घटना में छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। गांव में घटना के बाद अफरातफरी और भय का माहौल बना हुआ है।


पुलिस मौके पर पहुंची, पर कार्रवाई न के बराबर

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति को शांत करने की कोशिश की और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर लौट गई। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस के जाने के बाद ही चीनी मिल के लठैत दोबारा बड़ी संख्या में पहुंचे और फिर से हमला किया।


पांच साल पुराना विवाद, मामला न्यायालय में लंबित

बताया जा रहा है कि यह जमीन विवाद पिछले पांच वर्षों से चल रहा है और मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। दोनों पक्ष जमीन पर अपना-अपना दावा करते हैं। लेकिन अदालत का फैसला आने से पहले ही यह मामला अब हिंसा में तब्दील हो गया है।


ग्रामीणों का आरोप: चीनी मिल कर्मियों ने रची साजिश

पीड़ित महिलाओं ने कैमरे पर बताया कि यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी मिल प्रबंधन द्वारा दबाव बनाकर यह हमला करवाया गया, ताकि विवादित जमीन पर कब्जा किया जा सके।


प्रशासन पर उठ रहे सवाल

घटना के बाद से ही प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते सख्ती से कार्रवाई करती, तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण है, लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट