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एक विवाह ऐसा भी: सामूहिक विवाह समारोह में 51 जोड़ों ने खाई जीवनभर संग रहने की कसम

51 जोड़ों की सामूहिक शादी का मुख्य उद्देश्य समाज में दहेज प्रथा और दिखावे के विवाह से बचना है, साथ ही गरीब कन्याओं के विवाह का दायित्व निभाकर उनके परिजनों की चिंता को कम करना है

BIHAR
एक विवाह ऐसा भी
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Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MOTIHARI: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी स्थित तुरकौलिया में दहेज मुक्त सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें 51 जोड़े का सामूहिक विवाह कराया गया। सामाजिक कार्यकर्ता अरुण यादव के अध्यक्षता में इस वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर राजद विधायक मनोज यादव, पूर्व विधायक राजेंद्र राम, मेयर प्रति कुमारी मौजूद थे। 


सामूहिक विवाह को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। जहां दूल्हे को रथ पर बिठाकर गाजे बाजे और हाथी-घोड़े के साथ बारात निकाली गई। एक साथ जब 51 दूल्हे की बारात कार्यक्रम स्थल पर पहुंची तब सभी 51 दूल्हे और 51 दुल्हन मंच पर पहुंचे जहां हजारों लोगों के बीच जयमाला हुआ फिर सामूहिक विवाह का आयोजन हुआ। शादी के बाद वर-वधू को घरेलू उपयोग के लिए सामान भी दिया गया। 


इस सामूहिक विवाह का मकसद दहेज प्रथा जैसी कुरितियों को समाप्त करना है। कुछ ऐसे गरीब परिवार जो अपने बेटी की शादी दहेज़ देकर करने में असमर्थ हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए कुछ सामाजिक संस्था सामने आते हैं। समाज से दहेज़ जैसे कुरीतियों को मिटाने के लिए ऐसे कार्यकम का आयोजन किया जाता है। शादी के बाद एक साथ 51 दुल्हन को ससुराल के लिए विदा किया गया। इस मौके पर 51 जोड़े वर-वधू के माता-पिता और पूरा परिवार उपस्थित थे जिन्होंने नव दंपति को आशीर्वाद दिया और खुशहाल जीवन की कामना की।   

मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट..

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