ब्रेकिंग
राजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचाराजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचा

Bihar News: बिहार में सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों का कारनामा, जिंदा बच्चे का जारी कर दिया डेथ सर्टिफिकेट

Bihar News: बिहार के स्वास्थ्य महकमे के कारनामों से हर कोई वाकिफ है। आए दिन स्वास्थ्य विभाग की खबरें सुर्खियां बटोरती हैं। ताजा मामला बेतिया से सामने आया है, जहां सरकारी अस्पताल के

Bihar News
प्रतिकात्मक
© google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार के स्वास्थ्य महकमे के कारनामों से हर कोई वाकिफ है। आए दिन स्वास्थ्य विभाग की खबरें सुर्खियां बटोरती हैं। ताजा मामला बेतिया से सामने आया है, जहां सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने एक जिंदा बच्चे डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया। 


दरअसल, पूरा मामला बेतिया के लौरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एक डॉक्टर ने जिंदा बच्चे को मृत घोषित करते हुए डेथ सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया। नर्स एवं डॉक्टर ने जन्मते बच्चे को मृत बताकर डिस्चार्ज लेटर थमा दिया जबकि जांच में बच्चा जिंदा पाया गया। 


जानकारी के मुताबिक, बीते 24 मार्च सोमवार को चौतरवा थाने के बसवरिया परसौनी गांव के वार्ड सात निवासी बहादुर बैठा की पत्नी ज्योती कुमारी अपने पहले बच्चे के प्रसव कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लौरिया आई थी। करीब चार बजे शाम को अस्पताल में उन्हें नार्मल बच्चा डिलीवरी से हुआ। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात नर्स एवं डॉक्टर ने जन्मते बच्चे को मृत घोषित करते हुए मरीज के परिजनों को डिस्चार्ज पर्ची एवं डेथ सर्टिफिकेट थमा दिया। 


डॉक्टर ने डेथ सर्टिफिकेट पर अपना हस्ताक्षर करते हुए नवजात को डिस्चार्ज कर दिया। अस्पताल से बाहर निकलते ही परिजनों ने बच्चे की जांच हेतु नगर पंचायत लौरिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बच्चा अभी इलाजरत है और चिकित्सकों की मानें तो खतरे से बाहर है।  


ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डा. अफरोज ने बताया कि मेडिकल स्टाफ एक साथ कई पेपर लेकर हस्ताक्षर कराने आते हैं। बगैर जांच किए उन्होंने दस्तखत कर दिए थे। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. दिलीप कुमार ने जांच कराने की बात कही है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। 

बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट..