ब्रेकिंग
JDU विधायक पप्पू पांडेय को कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक बरकरारदिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूदJDU विधायक पप्पू पांडेय को कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक बरकरारदिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूद

Bihar News: कब दूर होगी बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली? इलाज के अभाव में अस्पताल में तड़प-तड़पकर हुई मरीज की मौत

Bihar News: बेतिया के मैनाटाड़ में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और एंबुलेंस कर्मियों के विवाद के चलते समय पर इलाज नहीं मिला, जिससे मरीज की अस्पताल में तड़पकर मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया।

Bihar News
© reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बेतिया के मैनाटाड़ प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को चिकित्सकीय लापरवाही और एंबुलेंस कर्मियों के आपसी विवाद के चलते एक मरीज की मौत हो गई। मृतक रैफूल अंसारी बसंतपुर गांव के निवासी थे, जिन्हें गंभीर स्थिति में परिजन सुबह करीब 9 बजे अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार अस्पताल पहुंचने पर वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, जबकि रोस्टर के अनुसार उस समय दो डॉक्टरों की ड्यूटी थी। मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन डॉक्टरों के नदारद रहने से इलाज नहीं हो सका।


कुछ देर बाद जब डॉक्टर अस्पताल पहुंचे, तब परिजनों ने इलाज की गुहार लगाई। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद मरीज की हालत गंभीर बताकर जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन मरीज को तुरंत रेफर अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की तलाश करने लगे। अस्पताल परिसर में दो एंबुलेंस मौजूद थीं, लेकिन दोनों एंबुलेंस कर्मी एक-दूसरे को मरीज ले जाने की जिम्मेदारी देने लगे और कोई भी जाने को तैयार नहीं हुआ।


परिजनों ने कई बार एंबुलेंस कर्मियों से मिन्नतें कीं, लेकिन आपसी खींचतान में कीमती समय निकलता गया। एक घंटे से अधिक समय तक परिजन एंबुलेंस के लिए भटकते रहे, लेकिन समय पर सुविधा नहीं मिलने के कारण रैफूल अंसारी ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।


इस संबंध में डॉक्टर विजय कुमार चौधरी ने कहा कि डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद थे, लेकिन एंबुलेंस कर्मियों की लापरवाही सामने आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस गंभीर लापरवाही के लिए संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई हेतु वरीय अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट 

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें