Bihar News: प्राइवेट अस्पताल में महिला और बच्चे की मौत, गुस्साए परिजनों ने किया खूब हंगामा; डॉक्टर और नर्स भागे

Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहां निजी नर्सिंग होम में जच्चा और बच्चा की मौत हो गई और कर्मचारी क्लीनिक छोड़कर फरार हो गए.

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 12 May 2025 01:03:10 PM IST

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बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां निजी नर्सिंग होम में जच्चा और बच्चा की मौत हो गई और डॉक्टर के साथ कर्मचारी क्लीनिक छोड़कर फरार हो गए। यह घटना मैनाटाड़ प्रखंड स्थित एक निजी नर्सिंग होम की है। घटना के बाद नर्सिंग होम के चिकित्सक और सभी कर्मचारी क्लीनिक छोड़कर फरार हो गए। मृत महिला की पहचान गौरीपुर सुखलही निवासी संजय मांझी की पत्नी प्रेमशिला देवी के रूप में हुई है। यह घटना रविवार रात करीब 10 बजे की है।


परिजनों के अनुसार, संजय मांझी ने अपनी पत्नी प्रेमशिला देवी को रविवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था, लेकिन डॉक्टरों ने महिला की स्थिति नाजुक बताकर उसे बेतिया जीएमसीएच रेफर कर दिया। जीएमसीएच न जाकर संजय मांझी ने मैनाटाड़ प्रखंड मुख्यालय स्थित एक निजी नर्सिंग होम में पत्नी को भर्ती करा दिया।


संजय मांझी ने बताया कि सुबह से लेकर रात तक उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता रहा कि "सब कुछ ठीक है, सुरक्षित डिलीवरी हो जाएगी।" लेकिन रात करीब 9 बजे, एक-एक कर डॉक्टर और नर्सें क्लीनिक छोड़कर भागने लगीं, जिससे परिजनों को शंका हुई। जब उन्होंने प्रसव कक्ष की कुंडी तोड़ी, तो प्रेमशिला देवी मृत अवस्था में पड़ी मिलीं। संजय का शक है कि बेहोशी की दवा या गलत प्रक्रिया के कारण ही उसकी पत्नी की मौत हुई।


सूचना मिलते ही मैनाटाड़ थानाध्यक्ष राणा प्रसाद के निर्देश पर दरोगा अमित कुमार पाल और रंजीत राम मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया, "जैसे ही परिजनों की ओर से आवेदन प्राप्त होगा, एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर फर्जी और लापरवाह निजी नर्सिंग होम पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"


स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है जब इस निजी नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान महिला की मौत हुई हो। पहले भी कई बार शिकायतें की गईं और प्राथमिकी दर्ज हुई, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण ये क्लीनिक बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। संजय मांझी, जो विकास कार्य के सिलसिले में जम्मू में रहते हैं, एक महीने पहले ही अपनी पत्नी के सुरक्षित प्रसव के लिए गांव लौटे थे। अब वे न्याय के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।