Bihar Six Lane Highway : बिहार के इस जिले के लोग रातो -रात हो जाएंगे करोड़पति! पास हो गया बिहार का पहला 6 लेन हाइवे

बेतिया से पटना तक बनने वाला बिहार का पहला सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे राज्य के विकास और उत्तर बिहार के लोगों के लिए रोजगार और निवेश के नए अवसर लाएगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 10 Jan 2026 12:25:03 PM IST

Bihar Six Lane Highway : बिहार के इस जिले के लोग रातो -रात हो जाएंगे करोड़पति! पास हो गया बिहार का पहला 6 लेन हाइवे

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Bihar Six Lane Highway : पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए यह साल वाकई खुशियों भरा साबित हो रहा है। बिहार को उसका पहला सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे मिलने जा रहा है, जो न सिर्फ बेतिया को सीधे पटना से जोड़ेगा, बल्कि राज्य के विकास को भी नई गति देगा। प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से बिहार सरकार सड़कों और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर विशेष फोकस कर रही है। इसी कड़ी में बेतिया–पटना एक्सप्रेस-वे, जिसे गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के नाम से जाना जाएगा, को मंजूरी मिल चुकी है।


यह महत्वाकांक्षी परियोजना करीब 550 किलोमीटर लंबी होगी और बिहार के 8 जिलों से होकर गुजरेगी। सरकार से स्वीकृति मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इस एक्सप्रेस-वे के लिए थ्री-ए (3A) के तहत एलाइनमेंट की अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिससे परियोजना के जमीनी क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है।


पश्चिम चंपारण जिले की बात करें तो यह एक्सप्रेस-वे बैरिया और नौतन प्रखंड से होकर गुजरेगा। दोनों प्रखंडों में 7-7 मौजों को परियोजना में शामिल किया गया है। प्रशासन की ओर से जल्द ही खेसरा चिह्नित करने का काम शुरू किया जाएगा, ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ी से पूरी की जा सके। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस परियोजना को शहरी इलाकों से दूर रखा गया है, जिससे भूमि अधिग्रहण में कम विवाद होंगे और किसानों को भी उचित मुआवजा समय पर मिल सकेगा।


यह एक्सप्रेस-वे सिर्फ पश्चिम चंपारण तक सीमित नहीं रहेगा। यह सड़क पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जिलों से होकर गुजरेगी। कुल मिलाकर, बिहार के 39 प्रखंडों और 313 गांवों को इस एक्सप्रेस-वे से सीधा लाभ मिलेगा। सड़क संपर्क मजबूत होने से इन इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों का सफर आसान, सुरक्षित और तेज़ हो जाएगा।


विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से बिहार के उत्तरी हिस्से में आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। सड़क बनने के बाद यहां छोटे-बड़े व्यापार, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और सर्विस सेक्टर में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। खासकर कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में यह एक्सप्रेस-वे अहम भूमिका निभाएगा, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।


रोजगार के लिहाज से भी यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। निर्माण कार्य के दौरान हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। वहीं, एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद होटल, ढाबे, ट्रांसपोर्ट, मरम्मत सेवाएं और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।


सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर लगभग 37,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसकी एक खास विशेषता यह होगी कि इसमें बड़े टर्मिनल या भारी-भरकम इंटरचेंज कम बनाए जाएंगे, ताकि वाहनों की रफ्तार बनी रहे और लंबी दूरी की यात्रा कम समय में पूरी की जा सके। इससे बेतिया से पटना और आगे अन्य राज्यों तक की यात्रा कहीं अधिक सुगम हो जाएगी।


कुल मिलाकर, गोरखपुर–सिलीगुड़ी सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे बिहार के लिए सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि विकास का नया कॉरिडोर साबित होने जा रहा है। पश्चिम चंपारण के बेतिया समेत उत्तर बिहार के जिलों के लिए यह एक्सप्रेस-वे आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास के नए द्वार खोलेगा। लोगों को उम्मीद है कि यह परियोजना समय पर पूरी होगी और बिहार को विकास की तेज़ रफ्तार वाली सड़क पर आगे ले जाएगी।