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कटिहार सदर अस्पताल में सांप के काटने से महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप

कटिहार सदर अस्पताल में सांप के काटने से महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों की अनुपस्थिति और लापरवाही का आरोप लगाया। वार्ड कमिश्नर ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

बिहार
परिजनों के बीच मचा कोहराम
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

KATIHAR: कटिहार के सदर अस्पताल में सांप के काटने से 45 वर्षीय महिला शकुंतला देवी की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण महिला की स्थिति बिगड़ गई और उनकी मौत हो गयी। 


कटिहार के सदर अस्पताल में इलाज कराने आई 45 वर्षीय महिला शकुंतला देवी की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण महिला की स्थिति बिगड़ गई और उनकी मृत्यु हो गई।


परिजनों ने बताया कि सांप काटने के बाद महिला को सदर अस्पताल लाया गया था, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला को प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया, जबकि सर्पदंश की दवा सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध होती है। जब वे मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो वहां के डॉक्टरों ने भी कहा कि ऐसी दवा सिर्फ सरकारी अस्पतालों में मिलती है। इस दौरान महिला की मौत हो गई।


वार्ड कमिश्नर भोला साहनी का बयान


वार्ड कमिश्नर भोला साहनी ने इस मामले में सरकार और स्थानीय विधायक को भी घेरे में लिया। उन्होंने कहा, "आखिर हम किसको जिम्मेदार ठहराएं - डॉक्टर जो अस्पताल में नहीं थे, डॉक्टर जिन्होंने रेफर किया, विधायक या सरकार को? मामला गंभीर है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।"


परिजनों का दर्द


मृतक महिला के पति और बहू ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की लापरवाही पर गहरा आक्रोश जताया। उनका कहना है कि अगर समय पर इलाज मिलता, तो शायद उनकी माता की जान बचाई जा सकती थी।


स्थानीय विधायक और प्रशासन की चुप्पी


परिजनों और वार्ड कमिश्नर का आरोप है कि इस पूरे मामले में न तो स्थानीय विधायक ने और न ही जिला और प्रशासन ने कोई संज्ञान लिया है। यह सवाल उठता है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

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