KATIHAR: कटिहार में बड़ा हादसा टल गया। मसीहा बनकर आए मछुआरों ने गंगा की तेज धार में पलटी नाव पर सवार सभी 34 लोगों को डूबने से बचा लिया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। नाव पर सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। ये लोग खेत से परवल तोड़कर बेचने के लिए बाजार जा रहे थे तभी ओवरलोडिंग के कारण नाविक ने नाव से नियंत्रण खो दिया और नाव बीच गंगा नदी में पलट गयी।
घटना कटिहार जिले के अमदाबाद प्रखंड के चौकिया पहाड़पुर पंचायत के गदाई दियारा की है जहां सोमवार 17 मार्च को बड़ा हादसा होते-होते बच गया। नाव पर 34 लोग सवार थे। भारी मात्रा में परवल भी नाव पर रखा गया था। परवल को खेत से तोड़ने के बाद इसे मनिहारी बाजार में बेचने के लिए किसान जा रहे थे तभी पछुआ हवा के चलते नाव बीच गंगा में पलट गई और नाव पर सवार 34 लोग गंगा में बहने लगे और सारा परवल भी नदी में डूब गया। तभी इन लोगों पर नजर मछुआरों की पड़ी।
सभी मछुआरे अपनी छोटी नाव लेकर मौके पर पहुंच गये और डुूबते सभी लोगों की जान बचा ली। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि उन लोगों की जान बच पाएगी लेकिन मछुआरों ने मिलकर वह कर दिखाया जिसकी कल्पना तक किसी ने नहीं की थी। अपनी जान जोखिम में डालकर मछुआरों ने कुल 34 लोगों को डूबने से बचाया। नाव पर सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। इस तरह मछुआरों की तत्परता से बड़े नाव हादसे को टाला जा सका। सभी लोगों को छोटे नाव पर बिठाकर किनारे तक पहुंचाया गया।
जान बचाने वाले मछुआरों को लोगों ने धन्यवाद देते हुए कहा कि आज आपलोग भगवान बनकर आए हैं नहीं तो किसी का बचना मुमकीन नहीं था। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस के साथ सीओ स्नेहा कुमारी ने बताया कि नाव हादसे की सूचना मिली थी। जिसके बाद वो यहां पहुंची है।
उन्होंने बताया कि बहुत खुशी की बात है कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई। यदि मदद के लिए मछुआएं सामने नहीं आते तो बड़ा हादसा हो सकता था। मछुआरों की तत्परता से 34 लोगों की जान बची है। उन्होंने यह कहा कि जितने भी नाविक नाव को बिना रजिस्ट्रेशन के चलाते हैं और ओवरलोडिंग करते है उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। ये लोग अपनी जान के साथ-साथ दूसरों की जान के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। ऐसे नाविकों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।





