1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 19, 2025, 6:22:11 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Electricity wastage in gaya ; गया जिले में हर महीने 45 लाख रुपये से अधिक की बिजली बर्बाद हो रही है। नगर निगम द्वारा शहर में लगभग 18,000 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, लेकिन दिन के समय भी ये जलती रहती हैं, जिससे हर महीने साढ़े सात लाख यूनिट बिजली बेवजह बर्बाद हो रही है।
नगर निगम ने लाइटें बुझाने की जिम्मेदारी वार्ड जमादारों को दी है, लेकिन वे सफाई कार्यों में व्यस्त रहने के कारण इस काम पर ध्यान नहीं दे पाते। 2015-16 में लाइटों की निगरानी के लिए एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनाने की योजना बनी थी, लेकिन यह अब तक पूरी नहीं हो सकी। पहले लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी एक एजेंसी को दी गई थी, लेकिन उसे हटा दिया गया और अब तक किसी नई एजेंसी को नियुक्त नहीं किया गया है।
अगर 106 कर्मचारियों को विशेष रूप से लाइटें बुझाने के लिए रखा जाए तो 11 लाख रुपये प्रति माह खर्च आएगा, जिससे 45 लाख रुपये की बर्बादी को रोका जा सकता है। नगर निगम जल्द ही नई एजेंसी को लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। इसके अलावा, सेंट्रलाइज्ड सिस्टम लागू करने से स्ट्रीट लाइटों की निगरानी और प्रबंधन बेहतर हो सकता है। प्रशासन को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि जनता के पैसों की बर्बादी रोकी जा सके और ऊर्जा संसाधनों का सही उपयोग हो सके।