1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 09, 2025, 7:16:32 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
S-400: 8 मई 2025 की रात जब पाकिस्तान ने भारत के 15 शहरों.. जिनमें श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, चंडीगढ़, और लुधियाना शामिल थे.. पर मिसाइल और ड्रोन हमले की कोशिश की, तब भारत की S-400 ‘सुदर्शन’ वायु रक्षा प्रणाली ने उसकी सारी साजिश को धूल में मिला दिया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने भारत को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन S-400 की अचूक तकनीक ने सभी मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। ये रक्षा कवच, जिसे भारत ने 2018 में अपने सच्चे दोस्त रूस से खरीदा था, आज देश की सुरक्षा का पर्याय बन चुका है।
बताते चलें कि, S-400 खरीदने का रास्ता आसान नहीं था। 2017 में अमेरिका ने CAATSA कानून बनाकर रूस, उत्तर कोरिया, और ईरान के साथ रक्षा सौदों पर प्रतिबंध लगाया था। जब भारत ने रूस के साथ 5.4 बिलियन डॉलर का S-400 सौदा किया, तो अमेरिका ने धमकियां दीं और अपने पैट्रियट व THAAD सिस्टम खरीदने का दबाव बनाया। लेकिन PM मोदी ने साफ कहा, “भारत का फैसला उसका अपना है।” उनकी इस दृढ़ता ने न सिर्फ अमेरिका को चुप कराया, बल्कि 2018 में CAATSA में संशोधन कर भारत को छूट भी दिलाई।
बता दें कि, S-400 दुनिया की सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों में से एक है, जो 400 किमी तक के दायरे में मिसाइलों, ड्रोन, और फाइटर जेट्स को नष्ट कर सकती है। इसने न सिर्फ पाकिस्तान के हमले को नाकाम किया, बल्कि भारत के 15 प्रमुख शहरों को बर्बादी से बचा लिया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने लाहौर और रावलपिंडी में पाकिस्तानी एयर डिफेंस को तबाह किया, और S-400 ने भारत को जवाबी हमले से सुरक्षित रखा।
केवल यही नहीं, S-400 की सफलता ने PM मोदी की दूरदर्शिता को साबित किया है। जब दुनिया के ताकतवर देश भारत पर दबाव बना रहे थे, तब मोदी ने रूस के साथ सौदा कर देश की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। आज ट्रंप से लेकर पुतिन तक उनकी तारीफ करते हैं, क्योंकि वे भारत के हितों से समझौता नहीं करते।