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इन दो शहरों के बीच नया एक्सप्रेसवे, सिर्फ दो घंटे में 350 किलोमीटर का सफर; गडकरी का दावा

Highway Project: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे से 2 घंटे में सफर का दावा किया है, लेकिन शहर के बाहरी छोर और टोल जैसी व्यावहारिक चुनौतियों के कारण वास्तविक समय 2.5 से 3 घंटे हो सकता है।

Highway Project
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Highway Project: देशभर में नए एक्सप्रेसवे और हाईवे परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने निर्माणाधीन बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे (NE7) को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद चेन्नई और बेंगलुरु के बीच यात्रा समय घटकर महज 2 घंटे रह जाएगा।


यह एक्सप्रेसवे कर्नाटक के होसकोटे से शुरू होकर तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर तक लगभग 260 किलोमीटर लंबा है। फिलहाल इसका कुछ हिस्सा चालू है और वर्ष के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। वर्तमान में इन दोनों शहरों के बीच करीब 350 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग 7 घंटे लगते हैं। नए एक्सप्रेसवे के जरिए दूरी घटाकर 260 किलोमीटर करने और 120 किमी/घंटा की स्पीड लिमिट तय करने की योजना है।


हालांकि, जमीनी स्थिति इस दावे को थोड़ा जटिल बनाती है। एक्सप्रेसवे का पश्चिमी छोर होसकोटे से शुरू होता है, जो बेंगलुरु शहर के केंद्र में नहीं बल्कि बेंगलुरु ग्रामीण जिले में स्थित है। इसी तरह श्रीपेरंबदूर चेन्नई महानगरीय क्षेत्र में जरूर आता है, लेकिन यह शहर के केंद्र से करीब 40 किलोमीटर दूर है।


ऐसे में यदि कोई यात्री बेंगलुरु या चेन्नई के मुख्य शहरी इलाकों से सफर शुरू करता है, तो उसे पहले होसकोटे या श्रीपेरंबदूर तक पहुंचने में ही एक घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे पर लगातार 120 किमी/घंटा की रफ्तार बनाए रखना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होता। टोल प्लाजा और यातायात की स्थिति भी यात्रा समय को प्रभावित करेंगे।


विशेषज्ञों का मानना है कि एक छोर से दूसरे छोर तक यात्रा करने में वास्तविक समय लगभग 2.5 से 3 घंटे लग सकता है। ऐसे में 2 घंटे का दावा अधिकतर एक आकर्षक अनुमान या मार्केटिंग प्रस्तुति जैसा प्रतीत होता है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता