दरभंगा में हाईकोर्ट के आदेश पर बुलडोजर एक्शन, दुकानदारों पर लाठीचार्ज

दरभंगा के लहेरियासराय चट्टी चौक पर हाईकोर्ट के आदेश के तहत 40 फीट सड़क बनाने के लिए चार दुकानों को तोड़ा गया। विरोध कर रहे दुकानदारों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। दुकानदारों ने पुनर्वास और नई दुकान की मांग की है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 18, 2026, 7:54:18 PM

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दरभंगा में बुलडोजर कार्रवाई - फ़ोटो REPORTER

DARBHANGA: दरभंगा के लहेरियासराय चट्टी चौक पर बुलडोजर एक्शन हुआ। 1976 के मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर शिक्षक सोनू चौधरी को 40 फीट रास्ता देने के लिए चार दुकानों ध्वस्त किया गया। ये सभी दुकान नगर निगम के अधीन है। धरना पर बैठे दुकानदारों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। दुकानदारों की मांग यह है कि पहले नया दुकान मिले तब उनकी दुकानें तोड़ी जाए। बता दें कि रेलवे ROB बनने को लेकर इन दुकानों को तोड़ा जा रहा है। 61 दुकान निगम को बना कर देना है। दुकानदार यह मांग कर रहे हैं कि जब तक दुकान बनाकर नहीं दिया जाता तब तक पुरानी दुकानों को नहीं तोड़ा जाए।


लहेरियासराय टावर से चट्टी चौक के बीच पटना हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में रविवार को प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए चार दुकानों को तोड़कर 40 फीट चौड़ा रास्ता निकाल दिया। यह रास्ता मकान मालिक व शिक्षक सोनू चौधरी को उनके आवास तक आने-जाने के लिए दिया जाना है। कार्रवाई के दौरान सिविल कोर्ट दरभंगा, अंचल अधिकारी, नगर निगम के पदाधिकारी एवं भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद थे। 


इससे पहले दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर टूटने वाली दुकानों के सामने धरना शुरू कर दिया था। लहेरियासराय टावर से चट्टी चौक तक पूरा बाजार बंद रहा। प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया। इसके तुरंत बाद बुलडोजर चलाकर चारों दुकानों को तोड़ दिया गया और रास्ता बना दिया गया।


दुकानदारों का आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह तानाशाहीपूर्ण है। उनका कहना है कि  यहां ROB निर्माण होने को लेकर 61 दुकान को तोड़ना है कोर्ट का भी आदेश है की निगम पहले दुकान बना कर दे तक दुकानों को तोड़े लेकिन नगर निगम मनमाना कर एक तरह अदालत का फैसला को पूरा करना चाहता है तो दूसरी तरह हमारे दिए अदालत के आदेश को अनदेखा । और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उनकी दुकानों को तोड़ दिया गया। प्रभावित दुकानदारों ने मांग की है कि प्रशासन हाई कोर्ट के आदेश के साथ-साथ उनके पुनर्वास और रोजगार की सुरक्षा की भी ठोस व्यवस्था करे।