Bihar Transport: परिवहन विभाग में 69 लाख का घपला...अदना सा 'ऑपरेटर' पर केस, खेल का असली खिलाड़ी कौन ? तत्कालीन डीटीओ-नाजिर की भूमिका की जांच को लेकर EOU से शिकायत

भोजपुर परिवहन कार्यालय में 69 लाख रुपये के मोटर वाहन टैक्स गबन का खुलासा। डाटा ऑपरेटर पर केस दर्ज, लेकिन डीटीओ-नाजिर की भूमिका पर भी उठे सवाल।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Tue, 20 Jan 2026 12:22:53 PM IST

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Bihar Transport News: परिवहन विभाग में टैक्स राशि से अपनी तिजोरी भरने का खुला खेल चल रहा था. पहले रोहतास इसके बाद भोजपुर में एक ही डाटा ऑपरेटर ने सरकारी टैक्स की राशि का गबन किया और आराम से निकल गया. भोजपुर में डाटा ऑपरेटर ने 69 लाख रू का गबन किया. वर्तमान डीटीओ ने भले ही आरोपी डाटा ऑपरेटर पर केस दर्ज कराया हो, लेकिन खेल इतने भर का नहीं है. इस घपले में डाटा ऑपरेटर सिर्फ मोहरा है, असली खिलाड़ी तो बचा हुआ है. सवाल यहीं से खड़ा हो रहा है. क्या सिर्फ डाटा ऑपरेटर इतना बड़ा खेल कर सकता है ? क्या एक दिन या एक हफ्ते में डाटा ऑपरेटर के पास टैक्स के रूप में 69 लाख रू जमा हो सकता है ? क्या डाटा ऑपरेटर टैक्स कलेक्शन की राशि प्रति दिन नाजिर के माध्यम से सरकारी खजाने में जमा नहीं कराता था ? जिला परिवहन कार्यालय में टैक्स वसूली का जिम्मा डीटीओ के पास होता है, वे ही इसकी निगरानी करते हैं, अगर डाटा ऑपरेटर सरकारी पैसे को खजाने में जमा नहीं कर रहा था,तब जिला परिवहन पदाधिकारी और उनके नाजिर क्या कर रहे थे ? यह जांच का विषय है.

भोजपुर डीटीओ में 69 लाख के घोटाले का केस 

भोजपुर के जिला परिवहन पदाधिकारी के आवेदन पर 13 जनवरी 2026 को नवादा थाने में आरोपी डाटा ऑपरेटर अजय कुमार सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. सरकारी राजस्व (मोटरवाहन कर राशि) सरकारी खजाने में जमा नहीं करने के कारण तत्कालीन डाटा इंट्री ऑपरेटर अजय कुमार सिंह जिला परिवहन कार्यालय भोजपुर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. डीटीओ भोजपुर के पत्र में कहा गया है कि जांच के क्रम में पाया गया है कि कार्यालय में पदस्थापित तत्कालीन डाटा इंट्री ऑपरेटर अजय कुमार सिंह द्वारा आरटीपीएस काउंटर से नकद के रूप में संग्रह की गई टैक्स की राशि 69 लाख,11 हजार 698 रू सरकारी खजाने में जमा नहीं किया है. 

इस संबंध में आरोपी कर्मी से 9 दिसंबर 2025 और 2 जनवरी 2026 को पत्र लिखकर इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया था. साथ ही यह भी कहा गया था कि अगर आप जवाब नहीं देते हैं तो यह माना जायेगा कि आपके द्वारा राशि का गबन किया गया है. लेकिन दो बार पत्राचार के बाद भी आज तक उन्होंने स्थिति स्पष्ट नहीं किया. जिससे प्रमाणित होता है कि आरोपी ने सरकारी राशि का गबन किया है. ऐसे में सरकारी राशि के गबन के आरोप में तत्कालीन डाटा अंट्री ऑपरेटर अजय कुमार सिंह के खिलाफऱ केस दर्ज कर राशि की वसूली को लेकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाय. जिला परिवहन पदाधिकारी के मिले पत्र के आलोक में थानाध्यक्ष ने केस सं-43/26 दर्ज किया है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 316 (4), 318(4) के तहत मुकदमा किया है.  

पूरे मामले की आर्थिक अपराध इकाई करे जांच 

भोजपुर डीटीओ में 69 लाख की सरकारी राशि गबन के इस बड़े खेल में सिर्फ डाटा ऑपरेटर पर केस दर्ज कराने के बाद विवाद गहराते जा रहा है. पूरे मामले की आर्थिक अपराध इकाई से जांच कराने की मांग की जा रही है. भोजपुर जिला ट्रक ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष सह प्रदेश उपाध्यक्ष अजय यादव ने आर्थिक अपराध इकाई को पत्र भेजा है. जिसमें भोजपुर जिला नवादा थाना में परिवहन कार्यालय के डाटा ऑपरेटर अजय कुमार सिंह द्वारा मोटर वाहन टेक्स के 6911698 रुपये गबन के मामले में कांड संख्या - 43/26 के गहनता से जांच  किए जाने का आग्रह किया है. 

इतनी बड़ी राशि सरकारी खाते में क्यों नहीं जमा हुआ....

पत्र में कहा गया है कि भोजपुर जिला के परिवहन कार्यालय के डाटा ऑपरेटर अजय कुमार सिंह के विरुद्ध जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा मोटर वाहन टैक्स की 6911698 रुपए गबन किए जाने की प्राथमिकी नवादा थाना में कांड संख्या - 43/26 दर्ज कराई गई है।  उक्त कांड में डाटा ऑपरेटर अजय कुमार सिंह पर यह आरोप है कि परिवहन कार्यालय के आरटीपीएस काउंटर पर मोटर वाहन टैक्स की नगद राशि कुल - 6911698 रुपये को सरकारी खाते में जमा नहीं किया गया। उनसे कई बार इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की बात कही गई लेकिन उनके द्वारा पैसे सरकारी खाते में क्यों नहीं जमा हुआ कि स्थिति स्पष्ट नहीं किया गया। 

तत्कालीन डीटीओ-नाजिर की भूमिका की हो जांच 

इससे साफ स्पष्ट होता है कि डाटा ऑपरेटरअजय कुमार सिंह के द्वारा पैसा का गबन किया गया है। लेकिन परिवहन कार्यालय में टैक्स की जमा राशि 6911698 रुपये को अकेले डाटा ऑपरेटर के द्वारा गबन करना संभव नहीं है। वाहन मालिकों द्वारा जमा दिया गया सरकार का यह टैक्स की राशि का गबन बिना सक्षम पदाधिकारी के संरक्षण के संभव नहीं है। इस गबन में तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी एवं तत्कालीन नाजिर की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी पर अवैध उगाही के आरोप लगाते रहे हैं। इस सरकारी राशि के गबन मामले की जांच होने पर उनकी संलिप्तता सामने आ जाएगी। ऐसे में इस मामले की जांच कर सरकारी राशि के गबन में शामिल सभी लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाय. साथ ही इन अधिकारियों-कर्मियों की संपत्ति की जांच कराई जाय